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खूब गन्ना उपजाओ, नकद पुरस्कार पाओ

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खूब गन्ना उपजाओ, नकद पुरस्कार पाओ
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गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की नई योजना
तीन किसान और बेहतर कार्य पर तीन समितियां होंगी पुरस्कृत
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कैशक्रॉप मानी जाने वाली गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई योजना शुरू की है। गन्ने की सर्वाधिक पैदावार करने वाले किसानों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पूरे प्रदेश से ऐसे तीन किसान चुने जाएंगे। इसी तरह बेहतर कार्य करने वाली समितियों का भी चयन कर सरकार उन्हें पुरस्कृत करेगी। किसानों का भुगतान व उत्पादन में अग्रणी चीनी मिल भी प्रशस्ति पत्र की हकदार होगी। खास बात यह कि प्रोत्साहन योजना में शामिल होने के लिए किसानों को किसी तरह का कोई शुल्क भी नहीं देना है।
धान-गेहूं के बाद गन्ना यहां की मुख्य फसल है। यहां की मिट्टी और जलवायु गन्ने की खेती के लिए बेहद अनुकूल है, मगर प्रोत्साहन नहीं मिलने से किसान धीरे-धीरे इससे विमुख हो रहे हैं। योगी सरकार ने गन्ने की खेती के प्रति फिर से रुझान बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके लिए बंद चीनी मिलें चालू कराते हुए किसानों के बकाया भुगतान में तेजी लाई गई है। अब ज्यादा से ज्यादा पैदावार के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत गन्ने की सर्वाधिक पैदावार करने वाले तीन किसानों को प्रदेश स्तर पर चयन कर क्रमश:51 हजार, 31 हजार और 21 हजार रुपये की नकद धनराशि बतौर पुरस्कार दी जाएगी। इसी तरह गन्ना विकास समितियों को भी बेहतर कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। इन समितियों के चयन का आधार विकास कार्य, स्वच्छता, कार्यालय कार्य, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना आदि के मानकों पर होगा। श्रेष्ठ तीन समितियों को नकद धनराशि दी जाएगी। वहीं किसानों के भुगतान, चीनी उत्पादन व अन्य कार्यों में अव्वल मिलों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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देवरिया मंडल में यह चीनी मिलें चालू
देवरिया गन्ना मंडल के अंतर्गत देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया और मऊ जिलों में पौने तीन लाख किसान गन्ने की खेती के लिए पंजीकृत हैं, जबकि साढ़े तीन लाख से अधिक किसान गन्ना बेचते हैं। इन जिलों में आठ चीनी मिलें संचालित हैं। इसमें सर्वाधिक पांच मिलें कुशीनगर जिले में चल रही है। हाटा, खड्डा, रामकोला, सेवरही, कप्तानगंज के अलावा मऊ में घोसी, देवरिया में प्रतापपुर और आजमगढ़ में सठियांव चीनी मिल चालू है। बलिया में कोई मिल नहीं है।
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हाईलाइटर...
* 05 जिले हैं देवरिया गन्ना मंडल अंतर्गत।
* 08 चीनी मिलें हैं देवरिया मंडल संचालित।
* 27 गन्ना विकास समितियां पंजीकृत।
* 2.68 लाख गन्ना किसानों का है पंजीकरण।

नई पुरस्कार योजना से गन्ना किसानों, विकास समितियों और चीनी मिलों की आपसी प्रतिस्पर्धा में वृद्धि से उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि होगी। किसान इससे प्रेरणा लेकर खुशहाल होंगे। पुरस्कार के लिए आवेदन करने वालों किसानों को कोई शुल्क भी नहीं देना होगा।
- राजीव राय, उपायुक्त, देवरिया गन्ना मंडल।
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