रुद्रपुर (देवरिया)। पुत्रों की आयु और मंगल कामना के लिए रविवार को माताओं ने निर्जला व्रत रखा। उन्होंने दुग्धेश्वरनाथ मंदिर परिक्षेेत्र में कुश में गांठ जोड़ कर बेटे के लंबी आयु को पूजन अर्चन किया।
भाद्र कृष्ण पक्ष के षष्ठी तिथि को हल षष्ठी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन कुश में गांठ जोड़ कर पूजा अर्चन किया जाता है। जिससे उनके पुत्र क़ुश की तरह मजबूत और लंबी आयु के होते है। रिमझिम बारिश के बीच सुबह से ही दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। निर्जला व्रती महिलाएं कुश की वैदिक रीति रिवाज के मुताबिक पूजा करने के बाद मंगल गीत गाकर त्योहार मनाया। महिलाओं ने कुश में गांठ जोड़ने के दौरान महुआ, दही, अक्षत आदि सामग्री चढ़ा कर पूजा किया। इस दौरान मंदिर पर आचार्यों ने महिलाओं को व्रत के महात्मय की कथा सुनाई। हर साल की अपेक्षा इस बार हल षष्ठी पर मौसम सुहाना रहने से व्रती महिलाओं को काफी राहत रही। शाम को परायण कर महिलाओं ने अपने पुत्रों को प्रसाद दिया।