देवरिया। प्रधानमंत्री आवास शहरी के लिए सूची चस्पा कर दी गई है। इसको लेकर शनिवार को निकाय कार्यालयों में गहमागहमी रही। रिजेक्टेड सूची वालों से 100 रुपये के स्टांप पर शपथपत्र मांगा गया है। सर्वे से जुड़े कुछ लोग बिचौलिए की भूमिका निभा रहे हैं। नोडल विभाग डूडा ने 31 जुलाई को सर्वे एजेंसी के अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिले के 11 नगरीय निकायों में 10 में पीएम आवास बनाए जाने हैं। देवरिया, रामपुर कारखाना, सलेमपुर, लार और भाटपाररानी में पीएम आवास के लिए आवेदकों की पात्रता सूची चस्पा कर दी गई है। इसके अलावा रिजेक्टेड सूची वालों का नाम अलग से लगा है। नगर पालिका परिषद में शनिवार को कुछ लोग पहुंचें थे रिजेक्टेड लिस्ट में नाम देखा तो दंग रह गए। उन्होंने सर्वे एजेंसी से जुड़े लोगों पर सूची तैयार करने में मनमानी का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने बताया कि बिजली और हाउस टैक्स के जरिए आवेदन वाले लोगों को शपथ पत्र देना है। क्योंकि कुछ ऐसे लोग हैं जो पिता के मकान में रहते हैं अपने को हिस्सेदार दर्शाते हुए एफिडेविट देना है। 100 रुपये के स्टांप के सवाल पर कर्मचारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। एडीएम वित्त राजस्व सीताराम गुप्त ने बताया कि सूची में पारदर्शिता बरती जाएगी। किसी को मनमानी की छूट नहीं दी जाएगी। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।