देवरिया। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के पानी से कई मोहल्लों की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। घुटने तक लगे पानी में लोगों को आना-जाना मजबूरी बन गया है। बारिश के चलते लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा है।
जानकार बताते हैं कि करीब सात-आठ साल बाद इस तरह बारिश हुई है। इससे लोगों को जहां गर्मी राहत मिली है, वहीं मोहल्लों की स्थित दयनीय हो गई है। सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। राहगीरों और मोहल्ले के लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। कर्मचारी वक्त से ऑफिस नहीं जा पा रहे हैं, न ही जरूरी काम को निपटा पा रहे हैं। चकियवां मोहल्ला, अंबेडकर नगर, गायत्रीपुरम, हनुमान मंदिर के पास सीसी रोड की सड़क, भुजौली कॉलोनी से सेंटर चौराहे को जाने वाली सड़क, उमानगर पश्चिमी मोहल्लों की हालत बेहद खराब है। छोटी-छोटी नालियों का समय से सफाई नहीं होने से नालियां जाम हो गई हैं। लोगों को जमा हुए पानी में घुटने तक पैंट उठाकर हाथ में चप्पल-जूता लेकर चलना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या बच्चों को हो रही है जो स्कूल पढ़ने जाते हैं। बरसात के चलते स्पोर्ट्स स्टेडियम भी पानी से लबालब हो गया है। खिलाड़ियों की प्रैक्टिस भी प्रभावित हो रही है। बस स्टेशन परिसर का बुरा हाल है, परिसर पानी से भर गया है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष के सामने जमा पानी से मरीजों व तीमारदारों को इमरजेंसी कक्ष तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ रही हैं। शहर के मुख्य मार्गों के सड़कों के किनारे बने गड्ढे राहगीरों व वाहन स्वामियों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं।
मजदूरों के पास रोजी-रोटी का संकट
लगातार बारिश के चलते मजदूरी करने वाले मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का मंडी कहे जाने वाले हनुमान मंदिर चौराहा, कसया ढाला बारिश के चलते सूना हो गया है। बारिश नहीं होने पर मजदूरी के लिए इन्हीं दो स्थानों पर खड़े होते हैं। जहां से लोग मजदूरों को काम पर ले जाते हैं।
गड्ढ़ा मुक्त सड़क की खुली पोल
शहर के व्यस्तम मार्ग कचहरी चौराहे के पास बना दो फीट का गड्ढा जिम्मेदारों को नहीं दिख रहा है। इसी मार्ग पर डीएम से लेकर अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि गुजरते हैं। किसी ध्यान इस खतरनाक गड्ढे के तरफ नहीं जा रहा है। पानी से लबालब गड्ढे में अक्सर अनजान वाहन स्वामी और राहगीर गिरते नजर आते हैं। सड़क किनारे बने इस खतरनाक गड्ढे को भरवाने का कोई जहमत नहीं उठा रहा है।