देवरिया। विरोध का सुर तेज हुआ तो पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद कलराज मिश्र ने चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया है। राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के साथ टिकट के लिए दूसरी कतार के नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है।
देवरिया लोकसभा से भाजपा किसको प्रत्याशी बनाएगी इसको लेकर असमंजस बरकरार है। 2014 के लोकसभा चुनाव में कलराज मिश्र देवरिया से सांसद चुने गए। केंद्र सरकार में मंत्री भी बनाए गए। 2017 में मंत्री पद से हटने के बाद क्षेत्र में इनकी सक्रियता बढ़ गई और मेडिकल कॉलेज, सड़क समेत कई बड़ी परियोजनाओं का आधारशिला रखा। गोरखपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का शुभारंभ करने आए नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद कलराज मिश्र की खूब तारीफ की। उस दिन से इनके समर्थकों में जोश बढ़ गया था और चर्चाएं तेज हो गई थीं कि देवरिया से कलराज का टिकट पक्का है।
वहीं टिकट के अन्य दावेदारों की रंगत ही बदल गई थी। कई नेताओं के तो दूसरी पार्टियों में जाने के कयास लगाए जाने लगे थे। 2019 लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे सांसद के अचानक चुनाव लड़ने से इन्कार पर समर्थकों में मायूसी छा गई है। पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि ने भी कलराज को बाहरी बताते हुए विरोध जताया था। रेलवे स्टेशन रोड के एक होटल में समीक्षा बैठक के दौरान भी पार्टी के पदाधिकारियों के सामने कुछ युवकों ने कलराज के खिलाफ नारे लगाकर विरोध जताया था।