देवरिया। कुशीनगर जिला बनने के बावजूद वहां का राजस्व अभिलेख लंबे समय से देवरिया रिकॉर्ड रूम में था। इस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कुशीनगर डीएम के पहल पर जिला प्रशासन अभिलेखों को भेजने के लिए सूची तैयार कराने में जुट गया है।
कुशीनगर पहले देवरिया जिले का हिस्सा था। इसके पूर्व के मुकदमों से जुड़े अभिलेख देवरिया रिकॉर्ड रूम में थे। अभिलेखों की जरूरत पड़ने पर मुआयना कराने के लिए कुशीनगर के लोगों को लंबी दूरी तय कर देवरिया आना पड़ता था। इसके लिए बीच में लोगों ने कई बार शासन और जिला प्रशासन से मांग की। जिला प्रशासन के पहल पर नौ अप्रैल से अभिलेखों को भेजने के लिए कुशीनगर के लेखपाल सूची लेखपाल उमेश कुमार यादव की देखरेख में तैयार कर रहे हैं। अभिलेखों की सूची कुशीनगर चले जाने से जहां लोगों को सहूलियत मिलेगी। वहीं मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी। इस बाबत एडीएम वित्त एवं राजस्व सीताराम गुप्त ने बताया कि कुशीनगर के अभिलेख लंबे समय से यहां पड़े थे। इसे भेजने के लिए सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए कुशीनगर के राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
1994 में कुशीनगर जिला बना
36 राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगी
1641 गांवों का अभिलेख है