रामलीला मैदान में सुहेलदेव भासपा के तरफ से आयोजित जनसभा में उपस्थित कार्यकर्ता।
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देवरिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि 70 साल से कुछ निश्चित परिवार ही आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं। तमाम ऐसे गरीब हैं जिन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए अब तीन श्रेणियों में आरक्षण का लाभ देने की तैयारी चल रही है। इसमें पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़े लोग शामिल होंगे। वह शुक्रवार को रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा सरकार में शामिल है। वहां शराब पर रोक लगा दी गई है। जबकि उत्तर प्रदेश के गरीब शराब पीकर अपना घर बर्बाद कर रहे हैं। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा हमारी पार्टी प्रदेश भर में शराबबंदी के लिए आंदोलन करेगी। 10 जून को कुशीनगर में रैली का आयोजन कर शराब के विरोध में लोगों को जागरूक किया जाएगा।
राजभर ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा सबने गरीबों को ठगा है। गरीबों की जो हालत 70 साल पहले थी, वही आज भी है। मौजूदा सरकार में भी इनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। गरीब आवास, राशन कार्ड, पेंशन आदि सुविधाओं से वंचित हैं। अधिकारी पात्रों को लाभ न देकर अपात्रों को लाभ पहुंचाने में लगे हैं। मुख्यमंत्री जनपदों का दौरा तो करते हैं लेकिन अधिकारी उन्हें झूठे तथ्य बताकर बरगला देते हैं।
कहा कि मेरे ऐसा बोलने पर अधिकांश पार्टियां अफवाह फैलाती हैं कि ओमप्रकाश राजभर सरकार से बाहर होने वाले हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है जनता ने मुझे सरकार में शामिल किया है। बिना उसकी मर्जी के मुझे कोई आवाज उठाने से नहीं रोक सकता। मैं गरीबों के हित के लिए सरकार में शामिल हुआ हूं। शोषित वंचितों के लिए हमेशा आवाज उठाता रहूंगा। कांग्रेस, बसपा और सपा गांधी जी के तीन बंदर की तरह हैं। गरीबों की पीड़ा पर कोई आंख बंद किए हुए है तो कोई कान। जुबान तो चुनाव प्रचार समाप्त होते ही बंद हो जाती है। सत्ता पाने के बाद यह लोग जनता की हिस्सेदारी भूल जाते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से इनकी रैलियों का बहिष्कार करने की अपील की।
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, वह स्वागत योग्य है। बिना जांच के किसी को जेल में बंद करना इंसानियत के खिलाफ है। विपक्षी पार्टियां दलितों को बरगला रही हैं। जो दोषी होगा उसके लिए सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस कानून पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बदलाव की बात की थी। आज राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर रही हैं।