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अहिंसा के पुजारी थे राष्ट्रपिता गांधी

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कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने महात्मा गांधी का शहीद दिवस मनाया। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया। शहर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी अहिंसा के पुजारी थे। गांधी के बताए रास्ते पर ही देश आज तरक्की की राह पर चल रहा है।
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जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ‘राकेश’ की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प चढ़ाए गए और श्रद्धांजलि दी गई। राघवेंद्र ने कहा कि 30 जनवरी को नाथूराम गोडसे ने गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनके निधन से लोग शोक में डूब गए थे। उन्होंने कहा कि गांधी ने अहिंसा, सत्याग्रह और असहयोग के विचारों को आत्मसात करने की अपील की थी। देश की जनता ने गांधी के विचारों का स्वागत किया और ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ी। पूर्व जिलाध्यक्ष सुयश मणि त्रिपाठी ने कहा कि गांधी ने निर्धन, निर्बल, मजदूर, मैला ढोनेवाले सामाजिक रूप से बहिष्कृत लोगों को अपने हृदय स्थान दिया। इस दौरान वरुण राय, दीनानाथ भारती, जवाहरलाल, नागेंद्र शुक्ला, भरत मणि त्रिपाठी, ऋषिकेश मिश्रा, रामप्रवेश सिंह आदि मौजूद रहे।
सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर देवरिया खास में महात्मा गांधी का शहीद दिवस और संत रविदास की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि ठाकुर पाठक ने महात्मा गांधी और संत रविदास के चित्र पर फूल चढ़ाया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। इस भाव के धनी होने के कारण उन्हें ‘महात्मा’ जैसा संबोधन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन आचार्य हृदयलाल सिंह और आचार्य जगदीश ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान अरविंद सिंह चौहान, वीरेंद्र द्विवेदी, अरविंद मोहन मिश्र, जितेंद्र मिश्र, अशोक यादव आदि मौजूद रहे।
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