देवरिया। सीएमओ की मेहरबानी से विवादों से नाता रखने वाले एक बाबू को महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिली है। कुछ दिन पूर्व सलेमपुर सीएचसी पर उसका स्थानांतरण हुआ था। लेकिन विभागीय खींचतान के चलते इसको चार्ज नहीं मिल सका। इसके अलावा कई ऐसे दागी बाबू है जिनकी तैनाती सीएमओ कार्यालय में है।
जिले के कई सीएचसी पर वरिष्ठ सहायक रामनक्षत्र की तैनाती रह चुकी है। विभागीय घोटाला और छेड़खानी जैसे आरोप बाबू के ऊपर लग चुका है। यहीं नहीं दागी बाबू घूस लेते हुए भी पकड़ा जा चुका है। बाबू का स्थानांतरण बीच में कुछ दिनों के लिए मऊ के लिए कर दिया गया था। कुछ माह पूर्व पुन: जिले में बाबू ट्रांसफर कराकर चला आया। ऊंची रसूख रखने वाले बाबू को सीएमओ ने सलेमपुर सीएचसी पर 26 जुलाई को तैनात किया गया। लेकिन दोबारा तैनाती के कारण विभागीय कर्मचारी बौखला गए। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इनको हटाने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा। मामला फंसता देख सीएमओ ने दागी रामनक्षत्र को अपने कार्यालय में तैनात कर दिया। प्रशासनिक अधिकारी अजीत गुप्त, कनिष्ठ सहायक अरविंद सिंह, अरुण शाही से चार्ज छीनकर उसे दे दिया। प्रशासनिक अधिकारी अजीत गुप्ता के देखरेख में सभी कार्यों का संपादित करने का निर्देश दिया है। दागी बाबू के महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन को लेकर विभाग में चर्चा जोरों पर है। सीएमओ डॉ. रामनिवास बाबू की कार्यशैली की जानकारी से इंकार की। एक बाबू के लंबे दिनों से छुट्टी पर जाने के चलते चार्ज देने की बात कही।