मेहरौनाघाट। एसडीपीजी कॉलेज में छात्रों ने तोड़फोड़ और हंगामा किया। नामांकन नहीं होने और पानी का समुचित इंतजाम नहीं होने से नाराज थे। पुलिस ने समझाकर नाराज छात्रों को शांत कराया। कॉलेज प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान का आश्वासन दिया।
एसडीपीजी कॉलेज में समस्याओं का अंबार है। शिक्षक और कर्मचारियों की मनमानी के चलते यह दिक्कत बढ़ती जा रही है। मंगलवार को कॉलेज के छात्र अचानक उग्र हो गए। महामंत्री भीष्म प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में हंगामा करने लगे। विरोध करने पर कॉलेज के अंदर तोड़फोड़ की। इससे दो घंटे तक पठन-पाठन प्रभावित रहा। छात्रों का आरोप है कि प्रवेश रसीद नहीं मिलने से छात्रवृत्ति फार्म नहीं भरा जा रहा है। दूरदराज से आए छात्र-छात्राओं को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। कॉलेज के अंदर लगे पंखे नहीं चल रहे है और गर्मी से परेशानी हो रही है। सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज भरत राय ने उग्र छात्रों की बात सुनने के बाद शांत कराया। कॉलेज प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में छात्रों को आश्वासन दिया। इस दौरान विनय रजक, रितेश यादव, राकेश प्रसाद, रत्नेश यादव, अविनाश सिंह, आलोक, रजीश सिंह आदि मौजूद रहे।
खेमेबाजी का शिकार हुआ कॉलेज
एसडीपीजी कॉलेज में लैब टेक्निशियन के साथ छात्र नेता और एक कर्मचारी ने दुर्व्यवहार किया था। इस मामले में पुलिस ने एसपी के निर्देश पर तीन लोगों पर केस दर्ज किया है। इसको लेकर कॉलेज खेमेबाजी का गढ़ हो गया है। एक कर्मचारी का लंबे समय से कॉलेज पर वर्चस्व जमाए रखा है।