20 घंटे तक गुल रही 600 गांवों की बिजली
फाल्ट ठीक करने में निगम ने लगा दिया 20 घंटे
भटनी, खुखुंदू उपकेंद्र से जुड़े गांवों में रही बत्ती गुल
भरथुआ-पुरैना के बीच में 33 हजार वोल्ट ही लाइन में आया था फाल्ट
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। भरथुआ-पुरैना के बीच 33 हजार वोल्ट में मामूली फाल्ट उत्पन्न होने पर विभाग को ठीक करने में 20 घंटे लग गए। नतीजा यह रहा कि रविवार देर शाम को गुल हुई बिजली सोमवार को तीन बजे बहाल हुई। इसके चलते भटनी, खुखुंदू उपकेंद्र से जुड़े 600 गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। काफी हो-हल्ला मचाने के बाद आपूर्ति बहाल हुई। उपभोक्ताओं में इसको लेकर जबदस्त उबाल है। उधर, कटौती से किसानों को सिंचाई में बधाएं उत्पन्न हुई।
खुखुंदू के रास्ते ही भटनी उपकेंद्र पर 33 हजार का कनेक्शन गया है। लिहाजा जब भी 33 हजार वोल्ट में फाल्ट उत्पन्न होता है तो दोनों क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित हो जाती है। रविवार की शाम 33 हजार वोल्ट में फाल्ट होने के बाद आपूर्ति ठप हो गई। रात को उपभोक्ता निगम के उच्चाधिकारियों से फाल्ट ठीक कराकर आपूर्ति बहाल कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमवार की दोपहर को विद्युत उपकेंद्र खुखुंदू पर हंगामा करने के बाद निगम के लोग हरकत में आए। फिर जाकर दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हुई। निगम के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मामूली फाल्ट था। अफसर चाहते तो रात को ही आपूर्ति बहाल हो गई होती, मगर कोई जिम्मेदार सलेमपुर मौजूद ही नहीं था। सब घर चले गए थे। इसलिए शटडाउन नहीं मिला। इस बाबत सलेमपुर डिविजन के एक्सईएन राममूरत ने कहा कि जेई हड़ताल पर चल रहे हैं, जिसके चलते दिक्कत हुई है। एसडीओ को भेजकर शटडाउन दिलाकर फाल्ट ठीक कराया गया है।
अफसरों की बजती रहीं घंटी, नहीं हुई सुनवाई
फाल्ट उत्पन्न होने पर उसे ठीक कराने के लिए पहले लोगों ने उपकेंद्र पर फोन किया। यहां किसी जिम्मेदार अधिकारी के नहीं होने की जानकारी होते ही लोग सलेमपुर उच्चाधिकारियों को फोन करने लगे। कई बार घंटी बजने के बाद एक अफसर ने फोन उठाया भी तो बाहर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। अन्य किसी अफसर ने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा। यह सिलसिला सोमवार दोपहर तक चला।