कलेक्ट्रेट सभागार में आई जीआरएस की बैठक में उपस्थित अधिकारी।
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देवरिया। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि बैंक अधिकारियों को ऋण आवेदनों को 31 दिसंबर तक निस्तारित करने का निर्देश दिया। इसमें किसी प्रकार की कोताही क्षम्य नहीं होगी। यदि बेवजह ऋण आवेदनों को वापस किया गया तो जांच कराते हुए संबंधित बैंक शाखा के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। शुक्रवार को डीएम कैंप कार्यालय पर जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के जरिए आम जन को लाभांवित कराने जिम्मेदारी बैंकों की भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में पंजाब बैंक, स्टेट बैंक, पूर्वांचल बैंक आदि द्वारा लंबित ऋण आवेदनों पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि यदि 31 दिसंबर तक निस्तारण नहीं किया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एलडीएम से कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं के बैनर आदि भी बैंक शाखाओं पर लगवाएं जिससे लोगों को जानकारी हो। उन्होंने शाखा प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए की वह बैठक में शाखा से संबंधित पूर्ण जानकारी के साथ उपस्थित हों। डीएम ने समाज कल्याण विभाग, खादी ग्रामोद्योग आदि के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बैंकवार प्रेषित आवेदनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराएं। डीएम ने एलडीएम को निर्देश दिए कि वह अपने स्तर से समीक्षा कर लंबित आवेदनों को निस्तारण कराएं। उन्होंने एटीएम पर सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होने और सीसीटीवी कैमरे सही कार्य न करने की बात भी कही।