भुजौली कालोनी के तरफ जाने वाली मुख्य सडक गढ्ढे में तब्दील।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। शहर की पॉश कॉलोनियों की सड़कें जानलेवा बन गई हैं। उबड़-खाबड़ सड़कों पर चलते-चलते गिरना और गिरते-गिरते संभलना शहरवासियों की आदत बन गई है। सबसे खराब हालत पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह के मोहल्ले की सड़कों की है। सड़कों की बदहाली के शिकार रामपुर कारखाना के विधायक कमलेश शुक्ला भी हैं। इनके घर के सामने की ही सड़क टूटी है। इसके बावजूद किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था। आदेश का असर इतना हुआ कि मुख्य मार्गों के गड्ढे हड़बड़ी में ढक दिए गए। कहीं-कहीं पर पैच लगाकर आदेश के नाम पर कोरम पूरा कर दिया गया। छह माह भी नहीं बीते कि सड़कें टूटनी शुरू हो गईं। सीसी रोड की सड़कों की स्थिति सबसे खराब है। मरम्मत की गईं सड़कें उखड़ने लगी हैं। बिखरी पड़ी गिट्टी के चलते आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। हनुमान मंदिर के ठीक बगल से भगवानपुर चौराहे को जाने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। थोड़ी दूर आगे से बाएं मुड़ने पर भुजौली कॉलोनी मोहल्ला शुरू हो जाता है। यहां की सड़क पर आज भी पानी लगा है। गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क पर लोगों ने मलवा गिरा रखा है, ताकि गड्ढों में कोई वाहन न फंसे। ऐसा नहीं कि इस सड़क की दुर्दशा हाल के दिनों में शुरू हुई हो। सपा शासनकाल से यह सड़क उपेक्षा की शिकार है। पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह का घर इसी रोड पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहन सिंह के निधन के बाद कुछ दिनों तक उनके घर बड़े-बड़े दिग्गजों का तांता लगा रहा। धूल से बचने के गाड़ियों के शीशे बंद करके आए, लेकिन किसी ने राहगीरों की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया। सड़क की दुर्दशा के शिकार आम लोग तो हैं ही रामपुर कारखाना से भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला को भी हिचकोले खाने पड़ते हैं। कसया रोड से गोरखपुर रोड के लिए निकली बाईपास की हालत बदतर हो चुकी है। पत्थरों पर फिसलकर बाइक सवार आए दिन चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस सड़क की दुर्दशा को लेकर कई बार आवाज उठाई। बरसात में सड़क पर धान की रोपाई भी की गई, डीएम को अवगत कराया गया। फिर भी सड़क की हालत जस की तस है।
मोहल्लेवासी उम्मीदों के सहारे
भुजौली कॉलोनी के प्रशांत सिंह कहते हैं कि पूर्व चेयरमैन रामायण राव ने इस सड़क को बनवाया था। इसके बाद किसी नेता ने ध्यान नहीं दिया। बरसात में सड़क दलदल बन जाती है। इसी कॉलोनी के विनोद तिवारी का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार आवाज उठाई गई। डीएम को ज्ञापन दिया गया। नगर पालिका प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है। कसया बाई पास निवासी सेराज अहमद बताते हैं कि धीरे-धीरे यह सड़क दुर्घटना बाहुल्य होती जा रही है। अक्सर लोग बिखरे पत्थरों से अनियंत्रित होकर गिरते रहते हैं। सोमवार की दोपहर में दो छात्र बाइक से गिरकर चोटिल हुए थे। नितिन कुमार का कहना है कि नगर पालिका का नया बोर्ड शहर के विकास के लिए काम करेगा। टूटी-फूटी सड़कों की मरम्मत हो जाएगी।