देवरिया। बरहज में गंगा आरती के लिए घाघरा नदी की धारा मोड़ने के लिए हुए बालू खनन के मामले में सीबीआई ने गौरा बरहज नगर पालिका के ईओ अवधेश सिंह और निवर्तमान चेयरमैन अजीत जायसवाल का बयान दर्ज किया। टेंडर की आधी-अधूरी प्रक्रिया पूरी कर किए गए लाखों रुपये की भुगतान में कई जिम्मेदारों की ओर से किए गए हस्ताक्षर का भी तस्दीक कराया गया, जो हकीकत से परे मिला।
गौरा बरहज नगर पालिका प्रशासन ने वर्ष 2013-14 और 2015-16 में गंगा आरती के लिए नदी का धारा मोड़ने के नाम पर करोड़ों रुपये का बालू खनन कराया। इसकी शिकायत बरहज क्षेत्र के अजय सिंह ने शासन में किया। इसकी जांच सीबीआई कर रही है। नियमानुसार टेंडर की प्रक्रिया बिना पूरा कराए बालू खनन गौरा बरहज नगर पालिका के तत्कालीन ईओ ब्रजभूषण और कर अधिकारी निलेश रमन के कार्यकाल में हुआ है। इससे जुड़े सभी अभिलेख सीबीआई टीम कब्जे में ले रखी है। शुक्रवार को ईओ अवधेश सिंह ने सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर सीबीआई ने डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। नदी की धारा मोड़ने के नाम पर 17 लाख रुपये का भुगतान नगर पालिका प्रशासन ने ठेकेदार को किया है। टेंडर प्रक्रिया से लेकर भुगतान होने तक अभिलेखों पर हुए नगर पालिका के जिम्मेदार अफसरों का हस्ताक्षर भी भिन्न है। ऐसे हस्ताक्षरों की पहचान ईओ से टीम के सदस्यों ने कराया। टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सवाल पर ईओ ने कार्यकाल दूसरे की होने की बात कही। इसके बाद निवर्तमान चेयरमैन अजीत जायसवाल से भी टीम ने पूछताछ की। इसमें सीबीआई के कई सवालों का जवाब चेयरमैन नहीं दे सके। इस प्रकरण में निवर्तमान चेयरमैन समेत कई जिम्मेदारों की गर्दन फंस रही है।