मईल (देवरिया)। भागलपुर में मूर्ति विसर्जन जुलूस में लाठीचार्ज के बाद पुलिस की कार्रवाई के जद में आए लोगों को बरहज विधायक सुरेश तिवारी ने बेकसूर बताया। नाराज लोगों ने विधायक की मौजूदगी में थाने का घेराव कर पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग की। फर्जी केस दर्ज कराने वाले एसओ व पुराने सिपाहियों का तबादले का एसपी ने मोबाइल पर आश्वासन दिया। इससे थाने में अफरातफरी मची रही।
तीन दिन पहले मूर्ति विसर्जन के लिए जुलूस निकला था। रात को भागलपुर चौराहे पर पटाखा फोड़ने को लेकर पुलिस और जुलूस में शामिल लोगों में कहासुनी हो गई। इससे नाराज पुलिस वालों ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई थी। पुलिस इस मामले में इशारू और गोड़वली गांव के 31 नामजद और 25 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इशारू गांव के तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इससे लोग नाराज हो गए और क्षेत्रीय विधायक के पास पहुंचे। सुबह 10 बजे दोनों गांव के लोग मईल थाने पर पहुंचे और थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आधे घंटे बाद विधायक भी थाने में पहुंच गए। इससे थाने में मौजूद पुलिस वाले खिसक लिए। मामला बढ़ता देख बरहज ड्यूटी पर गए एसओ राजेंद्र प्रसाद सिंह और सीओ वरुण मिश्र थाने पहुंचे। थाने से बाहर निकल रहे एसओ को लोगों ने जबरन रोक लिया। सीओ ने एसपी राकेश शंकर से विधायक की बात कराई। मांग के अनुसार एसपी ने एसओ और पुराने पुलिसकर्मियों को हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद एक बजे लोग थाने से वापस गए। बरहज सीओ वरुण मिश्र ने बताया कि विधायक से एसपी से वार्ता कराया गया। इसके बाद लोग शांत हुए।
सिपाही ने तान दिया एके-47
मईल। थाने में धरना-प्रदर्शन के दौरान कुछ थानेदार राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहासुनी करने लगे। इस दौरान एक सिपाही एके-47 लोगों के ऊपर तान दी। यह देख लोग सहम गए। बाद में सीओ ने सिपाही को डांटा।
पुलिस के चंगुल से विधायक ने छुड़ाया
मईल। मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस ने गोड़वली गांव निवासी कन्हैया प्रजापति को हिरासत में उसी दिन से रखी थी। थाने में पहुंचे विधायक को हवालात में बंद चालक ने अपनी पीड़ा सुनाई। विधायक ने सीओ से पूछा तो उसने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है। थानेदार ने बताया कि पूछताछ के लिए रखने की बात कह छोड़ दिया।