आसिफ इकबाल
देवरिया। बाढ़ का कहर झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। उन्हें आर्थिक सहायता के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नुकसान के आकलन में तहसील प्रशासन जुटा है। कछार इलाके में 463 मकान क्षतिग्रस्त हैं। राज्य आपदा मोचक निधि से छह करोड़ रुपये और मिले हैं। जल्द ही बाढ़ पीड़ितों के बैंक अकाउंट में रकम पहुंच जाएगी। नुकसान का ब्योरा पांच अक्टूबर तक वेबसाइट पर अपलोड करना है। ग्राम सभा की खुली बैठक मेें बाढ़ पीड़ितों के नाम पुकारे जाएंगे।
नदियों में सैलाब से रुद्रपुर और बरहज इलाके में तबाही मची है। सर्वाधिक गांव रुद्रपुर के 66 गांव प्रभावित हैं। आफत के सैलाब से छह लोगों और एक पशु की मौत हुई है। इनके परिवारवालों को आर्थिक सहायता दे दी गई है। इसके पहले 6.20 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें राहत पैकेट वितरण, नाव भाड़ा समेत अन्य मद में तीन करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जिले में 11657 हेक्टेयर फसल प्रभावित है। 31 पक्का मकान और 95 कच्चे मकान के अलावा 337 झोपड़ियां भी क्षतिग्रस्त हैं। आठ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ है। विशेष सचिव देवीदास ने धनराशि आवंटित करने की जानकारी दी है, जिसमें उक्त धनराशि को बैंक अकाउंट में नहीं रखने का निर्देश है। कोषागार से सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में ई-पेमेंट के जरिए ट्रांसफर की जाएगी। वितरित सहायता की सूची ग्राम सभा के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना है। आपदा के अनुसार राहत की आवश्यकता का निर्धारण डीएम करेंगे।
इस बाबत एडीएम वित्त राजस्व सीताराम गुप्त ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को सहायता जल्द दी जाएगी। नुकसान का आकलन तैयार हो रहा है। संबंधित को निर्देश दिया गया है। किसी के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं की जाएगा।
2.5 वर्ष पुरानी कीमत के हिसाब से मुआवजा होगा तय
बाढ़ के कहर से निजात दिलाने के लिए धनराशि मंजूर कर दी गई है, लेकिन प्रभावित लोगों को मकान समेत अन्य के लिए आर्थिक सहायता वर्ष 2015 के रेट के अनुसार मिलेगी। व्यक्ति की मौत पर चार लाख रुपये, क्षतिग्रस्त पक्का मकान 95100 रुपये, प्लांड एरिया के पक्के मकान 101900 रुपये, आंशिक क्षतिग्रस्त पक्के मकान 5200 रुपये, कच्चे मकान 3200 रुपये, झोपड़ी के लिए 4100 रुपये वितरित किए जाएंगे।