आसिफ इकबाल
देवरिया। आफत का सैलाब झेल रहे लोगों को मदद करने में भी कटौती की जा रही है। सरकार की ओर से 250-250 ग्राम मसाले का पैकेट देने का आदेश है, लेकिन 50-50 ग्राम की कटौती कर दी गई है। बाढ़ में फंसे लोगों को 250 की जगह 200 ग्राम का पैकेट बांटा जा रहा है।
प्रदेश के 24 जिले बाढ़ प्रभावित हैं, जिले के रुद्रपुर, बरहज के साथ तीन तहसील क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। 65 से अधिक गांव के लोगों का जीवन इमदाद के भरोसे है। जिला प्रशासन की ओर से 13387 से अधिक परिवार के बीच राहत सामग्री वितरित की जा रही है, जो तटबंध वाले गांव में रह रहे हैं। राहत पैकेट में 14 तरह की सामग्री है, जिसमें 10-10 किलोग्राम आटा, चावल और आलू, पांच किलोग्राम लाई, दो-दो किलोग्राम भूना चना और अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक का पैकेट, पांच लीटर मिट्टी तेल, एक-एक पैकेट मोमबत्ती और माचिस, 10 पैकेट बिस्किट, एक लीटर रिफाइंड तेल और क्लोरीन का 10 टेबलेट के अलावा 250-250 ग्राम हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर का पैकेट देना है, जो एक सप्ताह तक पांच सदस्य वाले परिवार के लिए पर्याप्त है, लेकिन मसाले का पैकेट कंपनी 200 ग्राम का पैकेट बनाती है। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों के बीच निर्धारित मात्रा के अनुसार मसाला नहीं मिल रहा है। कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार कोई भी मसाला कंपनी 250 ग्राम का पैकेट नहीं बनाती है। ऐसे में अब भुगतान के वक्त पेंच फंसने की आशंका बढ़ गई।
आवश्यक कार्य होने की वजह से टेंडर पहले करा लिया गया था। मसाले का उल्लेख नहीं था। स्टैंडर्ड कंपनी का पैकेट 200 अथवा 500 ग्राम का उपलब्ध है। तत्काल वितरित कराना था, ऐसे में 200-200 ग्राम का मसाले का पैकेट बांटा गया है। ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके।
सुजीत कुमार, डीएम