भाटपाररानी। बनकटा थानाक्षेत्र के बतरौली गांव में घर के बाहर ढीले तार की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई। नाराज गांववालों ने बुधवार की सुबह शव को गजहड़वा चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। प्रतापपुर-भाटपाररानी मार्ग पर यातायात ठप हो गया। गांव वाले बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा और मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। पहले तो गांववालों का मान-मनौव्वल होता रहा, लेकिन वे टस से मस होने को तैयार नहीं थे। मामला बिगड़ता देख एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से मुआवजा देने की घोषणा की।
बतरौली गांव के सुरेश तिवारी की 50 वर्षीय पत्नी लालवती देवी मंगलवार की रात करीब 11 बजे किसी काम से उठीं। रात में ठीक से नहीं दिखने पर वह घर के बाहर झूल रहे खुले तार की चपेट में आ गईं। लालवती की मौके पर ही मौत हो गई। लालवती के पति सुरेश बीमार रहते हैं। मेहनत-मजदूरी से उनके घर का खर्च चलता है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले लालवती ने बिजली विभाग के एक कर्मचारी को जर्जर तार सही करने के लिए कुछ रुपये भी दिए थे। यह खबर जब गांव में फैली तो लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी पनप गई। बुधवार सुबह छह बजे शव को लेकर गजहड़वा चौराहे पर पहुंच गए। शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम की सूचना मिलते ही बनकटा के थानेदार राजेंद्र प्रताप यादव मयफोर्स मौके पर पहुंचे। वह नाराज गांववालों को मनाने लगे, लेकिन गांववाले उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। इससे प्रतापपुर-भाटपाररानी मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई। मामला बिगड़ता देख एसडीएम और सीओ को जानकारी दी गई। करीब 8.30 बजे दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे। गांववालों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, जाम समाप्त नहीं होगा। एसडीएम रामकेश यादव ने प्रशासन की ओर से लालवती के परिवारवालों को डेढ़ लाख रुपये और आवास के लिए नाम चयनित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब नौ बजे जाम समाप्त हुआ। जिला पंचायत सदस्य लालबहादुर कुशवाहा ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही से लालवती की मौत हुई है।