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पीएम आवास के लिए हलकान

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देवरिया। प्रधानमंत्री आवास शहरी के लिए आवेदकों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। आवेदक दफ्तर में पहुंचे, लेकिन सर्वे एजेंसी के कर्मचारी गायब रहे। इसके चलते कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सत्यापन एजेंसी के कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। अब तीन अगस्त को सर्वे एजेंसी के कर्मचारी आएंगे।
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जिले के 11 निकायों में गरीबों को आवास बनाए जाने हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना था। देवरिया, रामपुर कारखाना, सलेमपुर, लार और भाटपाररानी टाउन एरिया में सत्यापन सूची चस्पा हो गई है। सर्वे एजेंसी ने एक अगस्त को रिजेक्टेड लिस्ट वालों से दावा करने को कहा। नगर पालिका परिषद के दफ्तर में आवेदक मंगलवार को 100 रुपये के स्टांप पर एफिडेविट के साथ पहुंचे। इसके चलते परिसर में गहमागहमी रही, लेकिन सर्वे एजेंसी के कर्मचारी नहीं आए थे। संबंधित क्लर्क के भी गैरहाजिर पर भड़क उठे। मामला बढ़ता देख कुछ सभासदों ने हस्तक्षेप किया। सर्वे एजेंसी के कलस्टर कोऑर्डिनेटर से बात की। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। थक हारकर आवेदक वापस लौट आएं। महिला आवेदकों का कहना था कि रुपये नहीं देने वालों का नाम रिजेक्टेड लिस्ट में दर्ज कर दिया गया है। सोमनाथ मंदिर मोहल्ले के अंकुर गिरि ने बताया कि 100 रुपये का स्टांप पर दावा करने को कहा गया है। हालांकि 10 रुपये के स्टांप पर भी एफिडेविट बनता है। भटवलिया की रंभा ने कहा कि सुबह से आएं हैं। दोपहर एक बजे तक कोई कर्मचारी नहीं आया।
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