जिला पंचायत सभागार में आयोजित आपातकाल विरोध दिवस कार्यक्रम के तहत लोक तंत्र रक्षक सेनानियो को मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया।
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देवरिया। जिला पंचायत सभागार में आपातकाल विरोध दिवस कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को किया गया। लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को माला पहनाकर और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधान परिषद सदस्य विनोद पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के लिए 25 जून इतिहास के पन्नों में काले दिन के रूप में याद किया। आज ही की तारीख को आधी रात में आपातकाल का दंश झेलना पड़ा था। दुनिया के लोकतंत्र का यह सबसे काला दिन था, जब नागरिकों के सभी मूल अधिकार खत्म कर दिए गए थे और राजनेताओं को जेल में डाल दिया गया था। जबरिया नसबंदी जैसे सरकारी कृत्यों के प्रति लोगों में गहरी नाराजगी थी। संघ और उसके सांस्कृतिक, राजनीतिक अनुसांगिक संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अटल, आडवाणी, जयप्रकाश नारायण, चंद्रशेखर, राजनारायण जैसे नेताओं को जेल में डाल दिया गया। 19 महीने के संघर्षों के बाद लोकतंत्र जीता था। जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ. अंतर्यामी सिंह ने कहा कि सियासी उठापटक, भयंकर राजनीतिक विरोध और कोर्ट के आदेश के चलते इंदिरा गांधी अलग-थलग पड़ गईं। उसी समय पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शंकर रे के सलाह पर इंदिरा गांधी ने तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली की मुहर पर आपातकाल घोषित कर दिया था। देश से लोकतंत्र को निलंबित कर दिया गया। इन्हीं बातों को लोगों तक पहुंचाने के लिए हम आपातकाल विरोधी दिवस मना रहे हैं। इस दौरान प्रदेश मंत्री किसान मोर्चा मारकंडेय तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष मारकंडेय शाही, पूर्व विधायक रविन्द्र प्रताप मल्ल, दुर्गेश पांडेय, अरुण सिंह, अजय उपाध्याय, अजय शाही, अजय दूबे, रामदास मिश्र, सीपी सिंह आदि मौजूद रहे।