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खुद बदलिए रास्ता, नगर पालिका नहीं बदलेगी व्यवस्था

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जितना साफ नहीं करते उतना बिखेर देते हैं कूड़ा
ओवर लोड कूड़ा लदीं गाड़ियों से उड़ते हैं पॉलिथीन, राहगीरों को होती परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी सामने दिखे तो रास्ता बदल लीजिए। नहीं तो दुर्गंध से दम घुटेगा ही गंदा पॉलिथीन मुंह पर आकर चिपक जाएगा। शहर में बेतरतीब कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था से राहगीर परेशान हैं, लेकिन नगर पालिका अपनी पुरानी परंपरा में बदलाव को तैयार नहीं है।
स्वच्छता अभियान पर सरकार का विशेष जोर है। सड़क या सार्वजनिक जगहों पर रद्दी कागज का एक टुकड़ा न दिखाई पड़े इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं। कूड़ा प्रबंधन को लेकर शासन की ओर से आएदिन नई गाइडलाइन आ रही है। फिर भी नगर पालिका की कार्य प्रणाली पर इसका कोई असर नहीं है। सफाई अनुभाग के पास कूड़ा ढोने के लिए कुल 17 गाड़ियां हैं। इनमें तीन खराब हो चुकीं हैं। आठ वाहन जर्जर हो चुके हैं। कई ट्रॉलियों में फाटक नहीं है। जिसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। सीमित संसाधन होने के चलते सफाई कर्मचारी लोडरों पर ओवर कूड़ा लादकर डंपिंग साइड पहुंचा रहे हैं। इसमें ज्यादातर कूड़ा सड़क पर बिखर जाता है। राहगीरों की सांसत तब और बढ़ जाती है जब उनके आगे नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी चल रही होती है। सड़ांधयुक्त कचरे की दुर्गंध से दम घुटता ही है, गंदे पॉलिथीन अक्सर पीछे चल रहे लोगों के मुंह पर आ जाते हैं। ब्रेकर वाले रास्तों पर कचरे का ढेर गिरने से सड़कों पर गंदगी बिखर जाती है। इस दुर्व्यवस्था को लेकर तमाम लोगों ने नगर पालिका में शिकायत की बावजूद इसके कोई बदलाव नहीं हुआ। इस संबंध में सफाई निरीक्षक नगर पालिका राजीव कुमार शुक्ल ने बताया कि गाड़ियों पर ओवरलोड कूड़ा लादना गलत है। इसके लिए सफाई नायकों व सफाई कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है। रविवार को ठेका कर्मचारी कूड़ा निस्तारण के काम में लगाए जाते हैं। कल ही ठेकेदार से इस संबंध में बात करूंगा।
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इनसेट
रविवार को बढ़ जाती है लापरवाही
कूड़ा निस्तारण में लापरवाही रविवार को रोज से ज्यादा बढ़ जाती है। इस दिन संविदा सफाईकर्मियों समेत सफाई अनुभाग के सभी कर्मचारी छुट्टी पर रहते हैं। शहर का कूड़ा उठाने की पूरी जिम्मेदारी ठेका कर्मियों पर छोड़ दी जाती है। ठेकेदार सीमित सफाई कर्मियों की मदद से देर दोपहर तक काम निपटाते हैं।
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