भाजपा की जीत पर पोस्टमार्टम चौराहा के पास जिलाध्यक्ष डॉ.अंर्तयामी सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई।
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देवरिया। लोकसभा चुनाव में सीधी लड़ाई का असर अन्य प्रत्याशियों पर भी पड़ा है। चुनाव मैदान में उतरे अधिकांश प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। देवरिया में नौ और सलेमपुर में 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है। खास बात यह कि दोनों ही सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार भी जमानत बचाने में नाकाम रहे। देवरिया सीट पर भाजपा, बसपा, कांग्रेस समेत कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। इसमें भाजपा और बसपा के प्रत्याशी ही जमानत बचाने के लिए न्यूनतम वोट की सीमा को पार कर सके। इसी तरह सलेमपुर सीट पर 15 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। भाजपा के रवींद्र कुशवाहा और बसपा के आरएस कुशवाहा के बाद कोई भी प्रत्याशी जमानत बचाने में कामयाब नहीं हो सका। न्यूनतम वोट नहीं मिलने से चुनाव आयोग इनकी जमानत राशि जब्त कर लेगा।
ऐसे बचती है जमानत
जमानत राशि बचाने के लिए किसी भी प्रत्याशी को अपने निर्वाचन क्षेत्र में पड़े कुल वोटों के छठवें हिस्से के बराबर वोट पाने जरूरी होता हैं। देवरिया सीट पर कुल 10 लाख आठ हजार छह सौ नौ वोट पड़े थे।