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न्यायालय परिसर में पुलिस को नहीं घुसने देंगे वकील!

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वकीलो ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। साथी पर हमले के मामले में 15 दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से क्षुब्ध अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए बैठक की। न्यायालय परिसर में पुलिस को प्रवेश नहीं करने देने का निर्णय लिया। कहा कि अगर कोई भी पुलिस कर्मी परिसर में घुसा तो अधिवक्ता उसका कड़ा विरोध करेंगे।
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जिला बार के अधिवक्ता अभिषेक मिश्र पर 28 अगस्त को कुछ लोगों ने हमला किया था। इस मामले में 30 अगस्त को गौरीबाजार थाने में केस भी दर्ज हुआ है। अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही, अलबत्ता अधिवक्ता के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। लगातार आंदोलन व न्यायिक कार्यों से विरत रहने के बाद भी पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हैं। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सचिव प्रेमनारायण मणि ने कहा कि अभिषेक मिश्र पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी व अधिवक्ता पर दर्ज मुकदमे को वापस नहीं लिया जाता तो 13 सितंबर से किसी भी पुलिस कर्मी को न्यायालय परिसर में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए चाहे जो कुछ करना पड़ेगा, अधिवक्ता पीछे नहीं हटेंगे। बैठक व प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरपी कुशवाहा, सुशील मिश्र, अजय उपाध्याय, वरुण बघेल, अरुण राव, दिव्यांश पति त्रिपाठी, सुभाष राव, सुरेंद्र तिवारी, कुंदन श्रीवास्तव, गौतम पांडेय, वाचस्पति मिश्र, शिवप्रकाश श्रीवास्तव, वीरसेन प्रताप, जगन्नाथ श्रीवास्तव, राधाकृष्ण, अभिषेक, प्रकाश तिवारी, रुपेश मिश्र, प्रेमप्रकाश, दीपक मिश्र आदि मौजूद रहे। उधर, गौरी बाजार एसओ परमाशंकर यादव का कहना था कि मामले में दोनों तरफ से केस दर्ज किया गया है, जांच की जा रही है। पुलिस पर बेवजह दबाव बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

भाटपाररानी में भी हड़ताल पर रहे अधिवक्ता
भाटपाररानी। देवरिया बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की चल रही हड़ताल के समर्थन में बुधवार को तहसील के अधिवक्ता आंदोलित हो गए। अधिवक्ताओं ने संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार ओझा की अध्यक्षता में बैठक कर समर्थन में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। बैठक में वक्ताओं ने देवरिया न्यायालय के अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा के मामले में गौरीबाजार पुलिस की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने साथ ही अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा पर दर्ज केस वापस लेने की भी मांग की। कहा कि जब तक अधिवक्ताओं की मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अधिवक्ता संघ के मंत्री प्रेमनारायण गुप्ता, उपाध्यक्ष ब्रजेश श्रीवास्तव, नागेश दुबे, चंद्रशेखर सिंह, रामनगीना सिंह, धनंजय मौर्य, उपेंद्र मणि, हरिश्चंद्र पाठक, प्रदीप गुप्ता, लालसाहब यादव, राजू सिंह,श देवता शरण तिवारी, राणा प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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