अब केंद्रीय जल आयोग ने त्रिवेणी, बगहा, आदि स्थानों के साथ ही खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेज स्थल पर भी टीमेटली यंत्र लगा दिया है। नदी के किनारे बंधे के पास पिलर पर यह उपकरण लगाया गया है। जमीन के अंदर से एक तार नदी में ले जाकर बनाए गए चबूतरे में स्थापित कर नोजल को पानी में लगाया गया है।
विभागीय जानकारों के मुताबिक यह मशीन सौर्य ऊर्जा से चलेगी। अन्य जगहों पर लगे मशीन एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। इससे हर जगह का ब्योरा केंद्र व राज्य सरकार तथा स्थानीय स्तर पर बाढ़ बचाव में लगे लोगों को मिलता रहेगा। इसके साथ ही मैनुअल गेज से भी जलस्तर का लेखा जोखा लिया जाता रहेगा।
बाढ़ खंड कुशीनगर के खड्डा सब डिविजन के एसडीओ श्रवण कुमार ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग की ओर से लगाए गए टीमेटली यंत्र से नदी के जलस्तर की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। इससे समय से बाढ़ बचाव व बांध को सुदृढ़ करने बाढ़ क्षेत्र के लोगों को अलर्ट कर सकेंगे।