जिला अस्पताल के इमरजेंसी में चिकित्सक के ना पहुंचने पर उमड़ी भीड़
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देवरिया। इलाज में देरी पर इमरजेंसी में मरीजों ने हंगामा किया। दो घंटे बाद पहुंचे डॉक्टर ने इलाज शुरू किया। इसके बाद माहौल सामान्य हुआ। मरीजों ने डॉक्टर और कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत सीएमएस से किया।
मंगलवार को सुबह आठ बजे तक डॉ. नागेंद्र कुमार और फार्मासिस्ट एमए सिद्दीकी बिना डॉक्टर के आए चले गए। इसके बाद डॉ. अनूप श्रीवास्तव और फार्मासिस्ट रितेश सिंह की ड्यूटी थी। फार्मासिस्ट तो समय से पहुंच गए। लेकिन डॉक्टर नहीं आए। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इलाज में देरी होने पर तीमारदार भड़क गए और हंगामा करने लगे। माहौल बिगड़ता देख फार्मासिस्ट वहां से हट गया और इसकी जानकारी सीएमएस को फोन कर दिया। आठ से 10 बजे तक इमरजेंसी सेवा डॉक्टर के अभाव में ठप रहा। इसकी वजह से मरीजों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। नाराज लोगों ने इसकी शिकायत सीएमएओ और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से मोबाइल पर किया। 10 बजे डॉ. अनूप श्रीवास्तव पहुंचे तो इमरजेंसी सेवा शुरू हुई। इतने देर तक घायल और बीमार लोगों को परेशान होना पड़ा। लोगों ने डॉक्टर पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। वहीं दिन में दो बजे आधे घंटे विलंब से डॉ. रोहित तक ड्यूटी पर पहुंचे। डॉक्टर और कर्मचारियों के इस रवैए से अक्सर बवाल भी इमरजेंसी पर होता है। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि डॉक्टर के देरी से पहुंचने के कारण इमरजेंसी में इलाज प्रभावित था। शिकायत मिलने पर डॉक्टर को भेजा गया है। इसके लिए लोग नाराज हुए थे।