देवरिया कसया रोड स्थित पशु अस्पताल के समीप ठंड से परेशान लोग अलाव ताप कर ठंड दूर करते।
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देवरिया। कड़ाके की ठंड से हर कोई बेहाल है। पिछले 15 दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। शहर में गिने चुने स्थानों पर ही नगर पालिका प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था कर रखी है। ऐसे में रात के समय खुले आसमान के नीचे रहने वालों मुसीबत बढ़ गई है। शुक्रवार को दिन में धूप तो जरूर निकली। लेकिन शाम को गलन इस कदर बढ़ा कि लोग कांप उठे।
25 दिसंबर से शुरू हुई ठंड धीरे-धीरे अपने शबाब पर आती गई, पारा लुढ़कता गया। 31 दिसंबर के बाद ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। सूर्यदेव के दर्शन बंद हो गए। शीतलहर का प्रकोप बढ़ता गया। इससे बच्चे और बुजुर्ग परेशान हो उठे। अब तो ठंड का कहर इस कदर बढ़ गया है कि हर कोई इससे आजिज आ चुका है। तीन दिन पूर्व न्यूनतम तापमान चार डिग्री पर पहुंच गया था। अब पांच और छह के बीच तापमान है। ठंड से बचाव के लिए नगर पालिका प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है। मगर जमीनी हकीकत यह है कि शहर के गिने चुने स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। सड़क के किनारे ठेले खोमचे लगाने वाले भीषण ठंड में कांपते हुए सामान बेचने को मजबूर हैं। रिक्शा चालक सोहन का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर तीन दिन बाद लकड़ी गिरवाई जा रही है। रिक्शा चालक चंदाकर अलाव की व्यवस्था कर रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन को गरीबों की चिंता नहीं है।
दुकानदारी पर ठंढ का ग्रहण
ठंड में दुकानदारी पर भी ग्रहण लग गया है। दुकानदारों को घंटों बोहनी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ठंड के मारे लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिख रही है। हालांकि 15 जनवरी को मकर संक्रांति है। इसके बावजूद बाजार ठंडा पड़ा रहा है। किराना व्यापारी रामेश्वर ने कहा कि ठंड के साथ ही दुकानदारी चौपट होने लगी है। पहले की तुलना में बिक्री काफी कम हो गई है। त्रिभुवन कुमार का कहना है कि ठंड के मारे दुकानदार भी परेशान हैं। लोग 11 बजे दुकान खोल रहे हैं और शाम होते ही बंद कर दिया जा रहा है।
हीटरों की बढ़ी मांग
ठंड में हीटर और गीजर की डिमांड बढ़ गई है। इलेक्ट्रिक दुकानदार राम सागर कहते है कि कई साल के बाद ठंड में इस बार हीटर की बिक्री बढ़ी है। बिजली कटौती को देखते हुए लोग गैस गीजर ज्यादा लगवा रहे हैं।