जिला महिला अस्पताल से बाहर से लिखी गई दवा के पर्ची को देखते बरहज विधायक सुरेश तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। महिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर वसूली का धंधा बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों को जरूरी दवाइयां भी बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। शिकायत पर पहुंचे अस्पताल पहुंचे बरहज विधायक तो खलबली मच गई। आनन-फानन में वसूला गया रकम वापस हुआ। अस्पताल से दवाइयां मुहैया कराई गई। सीएमएस और दवा वितरण कक्ष में मौजूद कर्मचारी को विधायक ने फटकार लगाई।
बरहज क्षेत्र के ब्रह्मचारी गांव के अरविंद चौबे की पत्नी श्वेता का ऑपरेशन तीन दिन पहले अस्पताल में हुआ। इसके एवज में ओटी में तैनाती एक स्टाफ नर्स ने दो हजार रुपये लिए और सभी दवाइयां खरीदनी पड़ी। शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। घर जाने के लिए सुबह 11 बजे से अरविंद ने एंबुलेंस के लिए 102 और 108 पर फोन किया। तीन घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पीड़ित ने विधायक सुरेश तिवारी को फोन किया और दिक्कत बताई। दो बजे विधायक पहुंचे और सीएमएस व एंबुलेंस संचालकों की जमकर क्लास ली। जिम्मेदारों ने आनन-फानन में एंबुलेंस मुहैया कराया। इसके बाद वह ओपीडी में दवा वितरण काउंटर पहुंचे। पर्ची पर लिखी हुई दवा नहीं देने की बात कहते हुए उसे फटकार लगाने लगे। कर्मचारी ने दवा उपलब्ध कराया। इसके बाद वह ओटी कक्ष गए, वहां मौजूद महिलाएं ऑपरेशन के नाम पर रकम वसूलने का आरोप लगाया। विधायक ने सीएमएस डॉ. माला सिन्हा को फटकार लगाते हुए शासन में शिकायत करने को कहा। विधायक ने कहा कि डॉक्टर और कर्मचारियों की मनमानी के चलते लोगों का इलाज के नाम पर शोषण किया जा रहा है। शासन में शिकायत करूंगा।
आठ साल से तैैनात स्टाफ नर्स को हटाने की मांग
देवरिया। विधायक ने कहा कि महिला अस्पताल सिर्फ नाम का है। इलाज के नाम पर लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। इसकी शिकायत मिल रही है। ओटी में आठ सालों से तैनात एक स्टफ नर्स की शिकायत करते हुए लोगों ने तबादला की मांग की।
तीन माह से बंद है अल्ट्रासाउंड केंद्र
देवरिया। महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र में तीन माह से ताला बंद है। महिलाओं को निजी जांच केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जाना पड़ता है। इसमें करीब 500 रुपये खर्च लगता है।