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दोआबा में डेढ़ माह बाद भी नहीं दूर हुईं दुश्वारियां

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एकौना। एक माह तक बाढ़ के पानी से जलमग्न रहे दोआबा के 52 गांवों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दोआबा की करीब दो लाख आबादी को बाढ़ की विभीषिका का दंश पानी निकालने के डेढ़ माह बाद भी झेलना पड़ रहा हैै। बाढ़ के दौरान कटे रास्तों की मरम्मत नहीं होने से आवागमन प्रभावित है। लोगों को आठ किलोमीटर की दूर 30 किलोमीटर घूमकर तय करनी पड़ रही है।
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बाढ़ के दौरान रुद्रपुर-करहकोल मुख्य मार्ग दो जगह करीब 500 मीटर कट गया था। इन कटान स्थलों पर कुंड बन गया है। इस मार्ग पर आवागमन बहाल करने का प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया। करहकोल मार्ग पर भगड़ा नाला पुल और खोपा के पास कटान हुआ है। कटान से दोआबा के 24 गांवों का आवागमन बाधित है। कटान से करहकोल, तिघरा, लीलापुर, हौली बलिया, सराव, बसडिला, खोपा, एकौना, भेड़ी बकरुआ, कोरड़, कोरड़ी, जगरनाथपुर, अनुसा, मठिया, पचरुखा आदि गांवों के लोगों को करीब आठ किलोमीटर की यात्रा करने के लिए 30 किलोमीटर की दुष्कर राह पकड़नी पड़ रही है। नरायनपुर मार्ग पर बजरंग चौराहे और एकौना को जाने वाला रास्ता कट जाने से 12 गांवों के लोगों को रुद्रपुर तहसील पहुंचने के लिए कई घंटे समय खर्च करना पड़ रहा है। बहोरादलपतपुर के पहले हुई कटान से लोग आज भी परेशान हैं। इन कटान स्थलों पर पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग आवागमन बहाल करने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है। राज्यमंत्री ने संबंधित विभागों को एक माह के अंदर आवागमन सुलभ बनाने का निर्देश दिया था। दोआबा के छोटे सिंह, मोहन सिंह, रमेश पांडेय, धर्मपाल सिंह सोनू आदि ने कटान स्थलों पर एक सप्ताह में आवागमन बहाल नहीं होने पर बाढ़ पीड़ितों के साथ तहसील का घेराव करने की चेतावनी दी है।
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