फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बचपन से ही ऋतु को कल्चरल प्रोग्राम से था लगाव

विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। वियतनाम में होने वाले हौटमौंडे मिसेज इंडिया वर्ल्ड-7 प्रतियोगिता के अंतिम दौर में पहुंचने वाली डॉ. ऋतु सिंह को बचपन से ही कल्चरल प्रोग्राम में शिरकत करने में दिलचस्पी थी। स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में जीतकर जब वह घर पहुंचती थी तो दिनभर शील्ड उसके हाथ में होता था। डॉ. ऋतु के पिता शहर के जाने-माने नेत्र सर्जन हैं। मां मृदुला सिंह की लाडली ऋतु पढ़ाई में भी अव्वल है। घर में सबसे छोटी होने के कारण ऋतु सबकी लाडली थी। पिता डॉ. के सिंह का कहना है कि ऋतु को कल्चरल प्रोग्राम में भाग लेने की छूट तो थी, लेकिन पढ़ाई पर भी ध्यान देने का दबाव रहता था। इसलिए वह दोनों चीजों में तालमेल बनाकर चलती थी। 1978 में जन्मी ऋतु ने प्रारंभिक शिक्षा देवरिया में ग्रहण की। नवजीवन कान्वेंट स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इंटर में कस्तूरबा गांधी इंटर कॉलेज में दाखिला लिया। अच्छे अंकों से इंटर की परीक्षा पास करने के बाद उसने मनीपॉल कॉलेज ऑफ साइंस पोखरा (नेपाल) से एमबीबीएस की शिक्षा हासिल की। इसके बाद हिमालयन इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जाली ग्रांट देहरादून से एमएस जनरल सर्जरी की डिग्री हासिल की। बंगलुरु के वैदेही मेडिकल कॉलेज से एमसीएच प्लास्टिक सर्जरी करने के बाद दिल्ली में प्राइवेट प्रैक्टिस कर रही हैं। पति डॉ. वेदपाल मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं। उन्होंने मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड-7 प्रतियोगिता में अब वह अंतिम दौर में हैं। इस प्रतियोगिता में विवाहित महिलाओं के सौंदर्य, प्रतिभा, ग्लैमर और संस्कृति का प्रदर्शन देखा जाता है। डॉ. ऋतु के इस कामयाबी से उनके माता-पिता फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को छुपाया नहीं जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें