सलेमपुर। इन दिनों तहसील में लोगों को तय रेट से अधिक पर स्टांप खरीदना पड़ रहा है। इसकी वजह जिले में दस रुपये की स्टांप की किल्लत बताई जा रही है। इसका फायदा स्टांप वेंडर उठा रहे हैं। मजबूरी में लोगों को दस की बजाए 20 रुपये का स्टांप खरीदना पड़ रहा है। इसको लेकर जिम्मेदार बेखबर हैं।
पिछले 15 दिनों से जिले में दस रुपये की स्टांप की कमी है। इसके चलते सलेमपुर, भाटपाररानी, बरहज तहसीलों में तय रेट से अधिक रुपये लेकर लाइसेंसी वेंडर स्टांप बेच रहे हैं। जबकि नियमानुसार जो जितने का स्टांप है उतने ही रेट में मिलना चाहिए। इसमें स्टांप वेंडरों का कमीशन मिलता है। दस का 15 और 20 का 25 रुपये में स्टांप की बिक्री खुलेआम की जा रही है। तहसील के कोषागार में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि दस रुपये की स्टांप की कमी है। इसलिए स्टांप वेंडर अधिक रेट में बेच रहे होंगे। जिला कोषागार अधिकारी नंदकिशोर धर द्विवेदी ने बताया कि स्टांप की कमी है। लेकिन अधिक रेट पर बिक्री की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगले सप्ताह में दस रुपये का स्टांप आने की उम्मीद है।