देवरिया। होली पर्व की तैयारी के लिए बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। मंगलवार को बड़ी संख्या में पकवान के सामानों, रंग, अबीर-गुलाल, पिचकारी आदि की खरीदारी के लिए शहर के प्रमुख बाजारों में महिला-पुरुषों एवं बच्चों की भीड़ उमड़ी रही। दुकानदारों ने ग्राहकों को रिझाने के लिए अपनी दुकानों को सजा कर रखा है। शहर से लेकर देहात क्षेत्र में होलिका दहन के लिए संवत तैयार करने का काम पूरे दिन चलता रहा।
शहर के मालवीय रोड, भुजौली कॉलोनी, भटवलिया, भीखमपुर रोड, रामगुलाम टोला सहित अन्य प्रमुख जगहों एवं विभिन्न मोहल्लों में युवाओं ने होलिका दहन के लिए संवत सजाने का कार्य किया। उधर बाजार में होली की खुमारी चढ़ने लगी हैं। रंगबिरंगे परिधान, मुखौटे, रंग, पिचकारी आदि से की खरीदारी बढ़ गई है। बच्चों की पसंद को ध्यान में रखकर कुर्ता-पायजामा, धोती कुर्ता, पैंट शर्ट और कार्टून कैरेक्टर वाले टी-शर्ट की बिक्री तेज हुई है। वहीं पिचकारी में मिसाइल, लट्ठमार, प्रेशर, पंप वाली, टाइगर जिंदा है नाम की पिचकारियां बच्चों को खूब पसंद आ रही हैं। महिलाओं ने होली के दिन बनने वाले गुझिया, नमकीन, पापड़, चिप्स, ड्राई फूट्स सहित अन्य सामानों की खरीदारी की। विभिन्न कार्यालयों एवं बैंकों में कर्मचारियों ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर एवं गले मिल होली की बधाई दी। एसबीआई राघवनगर मुख्य शाखा में निरीक्षण में आए क्षेत्र तीन के क्षेत्रीय प्रबंधक शैलेंद्र कुमार ने हर काउंटर पर पहुंच कर्मचारियों को पर्व की बधाई दी। वहीं देवरिया डिपो में एआरएम ऑफिस के कर्मचारी चंदन पांडेय, अरविंद कुमार आदि ने एआरएम आरवी विश्वकर्मा को अबीर गुलाल लगाकर होली की शुभकामना दी।
होलिका दहन के लिए रात 8.12 बजे के बाद मुहूर्त
होलिकादहन 20 मार्च दिन बुधवार को रात्रि 8.12 बजे के बाद किया जाएगा। 21 मार्च दिन गुरुवार को रंग भरी होली मनाई जाएगी। श्रीबैकुंठनाथ पवहारि संस्कृत महाविद्यालय बैकुंठपुर के ज्योतिषाचार्य पं. विवेक उपाध्याय और पं. शरदचंद्र त्रिपाठी के अनुसार बुधवार को सूर्योदय 6.01 बजे, चतुर्दशी तिथि का मान सुबह 9.19 बजे तक होगा। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र दिन में 3.22 बजे, बाद में उत्तरा फाल्गुनी और शूल तथा गंड योग है। भद्रा दिन में 9.19 बजे से सायंकाल 8.12 बजे तक होने से होलिकादहन इसके बाद ही करना शुभ होगा।