सीएम ने 48 घंटे में निभाया शहीद के घर वालों से किया वादा
पहले शहीद को किया नमन, फिर परिवार का कुशलक्षेम पूछा
मनीष जायसवाल
देवरिया। गम में डूबे शहीद के परिवार ने बुलाया और मुख्यमंत्री चले आए। महज 48 घंटों में शहीद के परिवार से किया गया वादा निभाकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सबका दिल जीत लिया। सोमवार को लोग सीएम की सहजता, सरलता और संवेदनशीलता पर चर्चा करते दिखे।
पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमले के बाद विजय मौर्य की शहादत की खबर देर रात तक आम हो चुकी थी। अगले ही दिन जिले की प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल शहीद के घर पहुंचीं और शासन की ओर से 25 लाख रुपये की मदद का चेक उन्हें सौंपा। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही भी देर शाम शहीद के घर पहुंचे। दोनों मंत्री तब तक शहीद के घरवालों से संपर्क में रहे, जब तक अंतिम संस्कार नहीं हो गया। परिजनों ने मांग रखी कि सीएम उनके घर आकर शहीद को श्रद्धांजलि दें। यह खबर सीएम तक पहुंची तो उन्होंने खुद पत्नी, पिता और भाई से बात कर घर आने का वादा किया। यही नहीं, उसे पूरा भी किया।
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सत्यनारायण के घर वालों को है सीएम के न आने का मलाल
मई 2017 में भाटपाररानी के टीकमपार में बीएसएफ जवान प्रेमसागर की शहादत के बाद भी सीएम योगी आदित्यनाथ बुलावे पर गांव आए थे। जून 2018 में बांसपार बैदा निवासी बीएसएफ के एएसआई सत्यनारायण यादव की शहादत के बाद उनके भी घर वालों ने सीएम को बुलाने की मांग की। सदर सांसद कलराज मिश्र और कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने उनकी सीएम से बात भी कराई और आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री आएंगे पर 13 दिनों के इंतजार के बाद भी सीएम नहीं पहुंचे। शहीद सत्यनारायण के घर वालों को इसका अब भी मलाल है। पत्नी सुशीला देवी ने कहा कि सीएम सभी शहीदों के घर जा रहे हैं, लेकिन जाने कौन सी मजबूरी थी जो उनके यहां नहीं आए। यह सरकार भेदभाव करने वाली नहीं तो फिर ऐसा क्यों हुआ।