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दूसरे दिन भी विरोध-प्रदर्शन, किया चक्काजाम

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शहर के सिविल लाइंस रोड पर युवा राष्ट्र क्रान्तिकारी संगठन के बैनर तले युवको ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। संशोधित एससी-एसटी एक्ट के विरोध में शुक्रवार को धरना प्रदर्शन हुआ। युवा राष्ट्र क्रांतिकारी संगठन के सदस्यों ने शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। इस दौरान आवागमन भी बाधित हुआ।
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सुभाष चौक, डीएम आवास, प्रधान डाकघर, शिवमंदिर, कलेक्ट्रेट गेट के सामने सड़क पर बैठने से वाहनों की रफ्तार थम गई। घंटों तक शहर के लोग जाम से जूझते रहे। कलेक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि संशोधित एक्ट को वापस कराएं। प्रदर्शनकारियों ने सत्ता में मौजूद सवर्ण-ओबीसी सांसदों के विरोध में भी जमकर नारेबाजी की। जुलूस-प्रदर्शन में प्रवीश शास्त्री ने कहा कि जातिवादी वोट की राजनीति से आजिज होकर लोगों ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। जनता को उम्मीद दी थी कि यह सरकार बहुसंख्यक समाज के हक में काम करेगी। इससे उलट वोट बैंक की राजनीति में केंद्र सरकार चंद लोगों को खुश करने के लिए सवर्ण-ओबीसी समाज पर काला कानून थोप रही है। यह कानून शोषण और प्रशासनिक उत्पीड़न का जरिया बनेगा। अनुराग मिश्र ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करे। वरना जनता एकजुट होकर सड़कों पर व्यापक जनांदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने एससी-एसटी संशोधन विधेयक वापस लेते हुए जनता से माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण का भी पुरजोर विरोध करते हुए नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन में भीम, मनमोहन मिश्र, चाणक्य पांडेय, आयुषमणि त्रिपाठी, राहुल सिंह, आशुतोष शर्मा, जयनेंद्र सिंह, गोपाल तिवारी, कन्हैया लाल तिवारी, विकासमणि त्रिपाठी, दीपेंद्र राव, सुधांशु तिवारी, विकास मालवीय, राज गुप्ता, सत्यपाल सिंह, मृत्युंजय मिश्र, गुड्डू बाबा, प्रशांत मिश्र, अनुराग, दुर्गेश, अवधेश आदि शामिल रहे।

ओवरब्रिज से जिला जेल तक लगा रहा जाम
संशोधित एससी-एसटी एक्ट के विरोध में प्रदर्शन के चलते शहर में जाम लगा रहा। गोरखपुर रेलवे ओवरब्रिज से जिला जेल के पास तक वाहन रेंगते रहे। सुभाष चौक से जुलूस निकलने से कई जगह जाम लगा रहा। सड़क पर जगह-जगह प्रदर्शन करने से वाहनों की आवाजाही ठप होती रही।
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