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अपहरण कर बैनामा कराए गए जमीन पर स्थगन आदेश

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अपहरण कर बैनामा कराई गई भूमि पर स्टे
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दीपक मणि की अर्जी पर सिविल जज सीनियर कोर्ट ने आदेश दिया
रामप्रवेश ने अपहरण कर करोड़ों की जमीन का कराया था बैनामा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। दीपक मणि का अपहरण कर 10 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन बैनामा कराने के मामले में कोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट ने 14 अगस्त को दीपक मणि के आवेदन पर यह आदेश जारी किया।
देवरिया खास निवासी दीपक मणि को जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के लोगों ने 20 मार्च को सलेमपुर रेलवे स्टेशन से अपहरण कर लिया। 17 अप्रैल को सब रजिस्ट्रार फूलचंद यादव और कर्मचारियों की मिलीभगत से 10 करोड़ से अधिक की जमीन रामप्रवेश यादव, इसकी मां मेवाती देवी, भाई अमित यादव और ब्रह्मानंद की पत्नी मधु के नाम से बैनामा कराया गया। इसकी जानकारी होने पर दीपक की बहन शालिनी ने तत्कालीन एसपी रोहन पी कनय और मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की। हरकत में आई पुलिस ने इसमें शामिल आरोपियों को दो मई को सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद रमाशंकर विद्यार्थी के अमेठी स्थित आवास से अमित यादव, ब्रह्मनंद चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष का चालक धर्मेंद्र गौड़, मझगांवा निवासी मुन्ना चौहान को गिरफ्तार किया था। जांच के दरम्यान पुलिस ने रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि होने पर सब रजिस्ट्रार फूलचंद यादव समेत छह कर्मचारियों पर केस दर्ज कर जेल भेजा था। दीपक मणि ने सिविल जज कोर्ट संख्या 18 में दीपक मणि अपने वकील के माध्यम से अपहरण कर जमीन का बैनामा कराने की अर्जी दिया। 14 अगस्त को बैनामा कराए गए जमीन पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है।
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नोटिस नहीं हुआ तामिल
जमीन बैनामा कराने के दौरान स्टांप की चोरी की गई थी। इस मामले में एडीएम कोर्ट में कमी रसूक का मुकदमा चल रहा है। सभी बैनामेदारों को कोर्ट से नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जेल में बंद जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव और इसके भाई अमित यादव का नोटिस तामिल नहीं हो सका। जिला पंचायत अध्यक्ष का वकील ने कोर्ट में हाजिर हो गया है।
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