देवरिया। बस कंडक्टर और वकील के बीच सिक्का वापस करने को लेकर विवाद हो गया। इससे नाराज कुछ वकील रोडवेज कार्यालय में पहुंच गए, जहां रोडवेज कर्मियों और वकीलों के बीच मारपीट हुई। रोडवेज कर्मचारियों ने सड़क पर बस खड़ी कर आवागमन रोक दिया और कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। सड़क जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हुई। सीओ के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
बरहज थानाक्षेत्र के रूच्चापार गांव निवासी लालबहादुर देवरिया डिपो में परिचालक हैं। रोज की तरह मंगलवार को गोरखपुर से बस लेकर देवरिया आ रहे थे। गौरीबाजार के पास दो वकील देवरिया आने के लिए बस में सवार हुए। टिकट लेने के बाद बकाया रकम वापस करने के दौरान दस का सिक्का परिचालक देने लगा। इसको लेकर वकील और परिचालक के बीच कहासुनी हो गई और बात इतनी बढ़ गई कि बाद में विवाद हो गया। इससे नाराज करीब दस की संख्या में वकील रोडवेज कार्यालय पहुंचे और परिचालक की पिटाई करने लगे। एक वकील को भी चोट लगी। मारपीट से डिपो परिसर में अफरातफरी मच गई। विवाद के बाद परिवहन विभाग के कर्मचारी और चालक 11.20 बजे रोडवेज के सामने सड़क पर बस खड़ी कर नारेबाजी करने लगे। सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंचे कोतवाल और रोडवेज कर्मचारियों के बीच कई बार नोकझोंक हुई। बाद में पहुंचे सीओ सिटी एआरएम और रोडवेज कर्मचारियों से बात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद 11.50 बजे जाम खत्म हुआ। मारपीट में घायल परिचालक ने अज्ञात लोगों पर मारपीट करने की तहरीर दी है। कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव ने बताया कि टिकट लेने के बाद रुपये की वापसी में दस का सिक्का देने को लेकर वकील और परिचालक के बीच विवाद हुआ था। तहरीर मिली है, मामले की जांच की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, तल्ख धूम में सड़क जाम होने से राहगीरों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। पुलिस सड़क जाम करने वाले रोडवेज कर्मचारियों पर केस दर्ज करने की बात कह रही थी।