गौरीबाजार। गोरखनाथ निषाद और मझले बेटे धर्मराज निषाद के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे। यही वजह रही कि गोरख बड़े और छोटे बेटे के साथ रहते थे। जबकि धर्मराज परिवार के साथ अलग रहता था। उधर, पुलिस ने छोटे बेटे विपिनबिहारी की पत्नी आशा देवी की तहरीर पर मझले बेटे धर्मराज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। हत्याकांड के 24 घंटे बाद भी पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं पाई है।
करमाजीतपुर गांव के 65 वर्षीय गोरखनाथ निषाद के गर्दन पर गड़ासे से वार कर उनके मझले बेटे धर्मराज ने हत्या कर दी थी। गोरखनाथ गांव में रहकर खेती करते थे। वह तीन बेटों में बड़े बेटे चंद्रभूषण निषाद और छोटे लड़के विपिन बिहारी के परिवार के साथ रहते थे विपिन विदेश में नौकरी करता है। जबकि मझला बेटा धर्मराज परिवार के साथ अलग रहता है। उसकी ससुराल रुद्रपुर क्षेत्र के बेलावर गांव में है। धर्मराज एक माह पहले दुबई से घर आया था। जब उसे पिता द्वारा 10 कठ्ठा जमीन 12 लाख रुपये में बेचे जाने की जानकारी हुई तो उसने हिस्से की जमीन के साथ रुपये की मांग की। पिता ने इंकार कर दिया। इससे वह उनकी जान का दुश्मन बन गया था। सोची-समझी साजिश के तहत उसने पहले अपने परिवार को हटाया। इसके बाद पिता की हत्या कर दी।