रुद्रपुर। निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज होती जा रही है। नवंबर में प्रस्तावित तिथि की संभावना को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने संगठन को मांजना शुरू कर दिया है। इस बार निकाय चुनाव में भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस चारों प्रमुख दल मैदान में उतर सकते हैं। इस कारण हर दल में टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ गई है।
रुद्रपुर में पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने के लिए प्रमुख दलों में टिकट को लेकर घमासान है। सभी दलों ने टिकट तय करने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। पर्यवेक्षक नगर पंचायतों में दौरा कर दावेदारों की राजनीतिक जमीन का अंदाज लगा रहे हैं। बीते चुनाव में सपा और बसपा ने दल के प्रत्याशी को चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया था। इस बार दोनों दल चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार खड़ा करने जा रहे हैं। टिकट को लेकर रुद्रपुर में सबसे अधिक मारामारी भाजपा और कांग्रेस में है। यहां सबसे अधिक टिकट के दावेदार भाजपा में हैं। बीते दिनों नगर में आए निकाय चुनाव के प्रभारी के सामने भाजपा के दावेदारों ने भीड़ दिखाकर शक्ति प्रदर्शन किया। रुद्रपुर नगर पंचायत की सीट पर भाजपा का कब्जा है। नगर पंचायत अध्यक्ष छट्ठेलाल निगम की दावेदारी को भाजपा में आधा दर्जन लोग चुनौती दे रहे हैं। कांग्रेस में भी टिकट को लेकर खींचतान है। कांग्रेस में पूर्व चेयरमैन फौजदार शर्मा, पिछला चुनाव लड़ चुके मनोज पांडेय और महेश वर्मा इस बार टिकट के दावेदार हैं। सपा में पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद मद्घेशिया को बच्ची देवी पटेल चुनौती दे रही हैं। बसपा से टिकट मांगने वालों की चरचा कम हो रही है। बसपा के जोन इंचार्ज रामसूरत चौधरी ने कहा कि बसपा निकाय चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी। वार्ड के सभासदों और अध्यक्ष को पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ाया जाएगा।