सलेमपुर। एलआईसी के डीओ नवीन कुमार तिवारी नौकरी जाने का गम नहीं भूल पाए। बर्खास्तगी की नोटिस मिलने के बाद पत्नी व दो बेटियों की परवरिश की चिंता उन्हें सताने लगी। सब कुछ छोड़ नदी में कूद मौत को गले लगा लिया। लोग इसे कायराना कदम मान रहे हैं।
गौरीबाजार के बेलकुंडा गांव निवासी नवीन कुमार तिवारी भारतीय जीवन बीमा निगम में विकास अधिकारी के पद 2008 में ज्वाइन किए थे। नौकरी पाने के दो वर्ष बाद शादी हुई। दो बेटियों रिद्घि और सिद्घि हैं। दोनों नगर के स्कालर पब्लिक स्कूल में पढ़ती हैं। दो भाइयों में नवीन बढ़े थे। एमएससी. एमएड और पीएचडी की डिग्रीधारक थे। छोटा भाई, माता व पिता सभी नौकरी में अच्छे पदों पर हैं। नौ साल की एलआईसी की नौकरी करने के बाद निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने के कारण उन्हें बर्खास्तगी की नोटिस दी गई थी। सोमवार को उन्हें एक मौका मर्सी के आधार पर उच्चाधिकारियों को पत्र देने के लिए बुलाया गया था। लेकिन वे नहीं आए। संपन्न घराने से ताल्लुक रहने के बावजूद नौकरी जाने का गम नहीं भुला पाए। उनके इस कदम से लोग अवाक हैं। लोगों के मुताबिक नौकरी जाने की गम में जान देने के बजाए हालात से मुकाबला करना चाहिए था। वहीं दूसरी ओर, गंडक नदी में सोमवार को कूदे विकास अधिकारी नवीन तिवारी का शव मंगलवार दोपहर दो बजे लार थानाक्षेत्र के खरवनिया गांव के किनारे मिला। शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।