तरकुलवा। सहायता प्राप्त किसान लघु माध्यमिक विद्यालय बंजरिया में लिपिक पद की फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 13.30 लाख रुपये ठगने के मामले में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपी प्रबंधक और प्रधानाचार्य पर जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की है।
लार थाना क्षेत्र के ग्राम पिंडी निवासी अरविंद सिंह ने कोर्ट में वाद दाखिल कर कहा था कि किसान लघु माध्यमिक विद्यालय बंजरिया के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने उनके बेटे रवि सिंह को लिपिक पद पर नियुक्ति का झांसा देकर 17 अगस्त 2017 को पांच लाख रुपये, 20 अगस्त 2017 को दो बार में सात लाख व 50 हजार रुपये ले लिए।
आरोप है कि 28 अक्तूबर 2022 को प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने मिलकर उनसे एक लाख पचास हजार रुपये का चेक लिया, जिस पर ओवरराइटिंग कर 21.50 लाख बना लिया गया था, जिसे बैंक ने वापस कर दिया। इसके बाद उनके कहने पर उन्होंने विद्यालय के चपरासी राहुल के खाते में 40-40 हजार रुपये दो बार में भेजे। 21 अगस्त 2017 को उन्हें लिपिक पद का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया और 23 अगस्त 2017 को कार्यभार भी ग्रहण करा दिया। कुछ महीने काम करने के बाद जब सैलरी नहीं आई तो संदेह हुआ। बाद में पता चला कि उनकी नियुक्ति फर्जी है।
जब उसने प्रबंधक और प्रधानाचार्य से रुपये मांगे तो उन लोगों ने मां-बहन की गाली देते हुए मारने के लिए दौड़ा लिया। पीड़ित ने बताया कि थाने से लेकर जिले तक पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की, मगर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में वाद दाखिल की। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन ग्राम बंजरिया निवासी आरोपी प्रबंधक मोहम्मद हनीफ व प्रधानाचार्य जैनुद्दीन खान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी प्रबंधक और प्रधानाचार्य पर जालसाजी और जानमाल की धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।