अबला नहीं नारी, तरक्की में निभा रही भागीदारी
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी
गौरीबाजार में हर घर लक्ष्मीबाई कार्यक्रम का हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीबाजार। जागृति सेवा संस्थान की ओर से मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज देवगांव प्रांगण में हर घर लक्ष्मीबाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने आधी आबादी के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान एवं विकास पर जोर दिया। साथ ही सरकार की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से लोगों को संबोधित किया। देश की तरक्की में महिलाओं की भागीदारी को अहम बताया।
मुख्य अतिथि किरण बेदी के नहीं पहुंचने पर मंच की कमान संभालते हुए कार्यक्रम संयोजक शशांक मणि ने कहा कि महिलाओं की आबादी हमारी संपूर्ण जनसंख्या की आधी है। सनातन काल से शोषण व सामाजिक उपेक्षा की शिकार रही महिलाओं को जनजागरण के माध्यम से सशक्त व सक्षम बनाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। अब समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं अपना प्रभुत्व स्थापित कर रही हैं। बाद में मुख्य अतिथि किरण बेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोगों को संबोधित किया। भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह ने कहा कि महिलाओं को उनकी क्षमता तथा शक्ति का एहसास कराने के लिए यह आयोजन शानदार प्रयास है। पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि परिवार की धुरी महिलाएं होती है, उनका विकास होगा, तभी समाज विकसित बनेगा। इस दौरान महिला उत्थान के क्षेत्र में काम करने वाली 25 महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, पूर्व विधायक टीपी शुक्ला, सुनीता श्रीवास्तव, रंजना राय, विजय बहादुर सिंह, शशि मणि त्रिपाठी, रंजना राय, राधेश्याम शुक्ला, भारती शर्मा और डब्लू मणि आदि ने संबोधित किया।
अव्यवस्थाओं के बीच पूरा हुआ कार्यक्रम
जागृति सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। यहां तक कि पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। नगर के बाहर की महिलाओं व स्कूली छात्राओं को बस से लाया गया था, जबकि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं की संख्या कम रही। जैसे ही समापन हुआ, महिलाओं ने आसपास की दुकानों पर जाकर अपनी प्यास बुझाई। कई ने पदक नहीं मिलने व पक्षपात करने का आरोप मौके पर लगाया।