देवरिया। अपर जिला जज ने तीन मासूम बच्चे और मां की जान लेने वाले ससुराल पक्ष के तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फैसले के बाद न्यायालय में मौजूद अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
अभियोजन के अनुसार गौरीबाजार थाना क्षेत्र के मदैना गांव निवासी तीरथ प्रजापति की बेटी धनावती देवी की शादी बांकी तिवारी टोला निवासी हरेंद्र प्रजापति के साथ हुई थी। उसकी बड़ी बेटी सुहानी आठ, छोटी छह और 13 माह का बेटा गोकुल को 26 अप्रैल 2014 को ससुराल पक्ष के लोगों ने जहर देकर मार डाला। साक्ष्य छिपाने के लिए बंद कमरे में शवों को आग के हवाले कर दिया था। जानकारी होने पर तीरथ बेटी के ससुराल पहुंचा और अधजली लाश देख दंग रह गया। इसकी शिकायत पर गौरीबाजार पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसमें जहर देकर हत्या करने के बाद शव को जलाने की पुष्टि हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गौरीबाजार पुलिस ने ससुर रामबचन, देवर बबुआ उर्फ अमित और सास मुन्नी देवी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज हुई। तमाम दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला जज बुद्थिधराम ने आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन करावास की सजा सुनाई और 12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।