मईल। रात के अंधेरे में विसर्जन जुलूस में पुलिस पर पटाखा फेंकने को लेकर मची भगदड़ में कई लोग चोटिल हो गए। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को काबू में किया। जवाब में लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। इसमें एसओ सहित तीन सिपाही घायल हो गए। उनका इलाज पीएचसी पर कराया गया। पुलिस इस मामले में 31 नामजद और 25 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
सोमवार की शाम मूर्ति विसर्जन के लिए जुलूस निकला। रात करीब नौ बजे जुलूस भागलपुर चौराहे पर पहुंचा। डीजे की धुन पर थिरक रहे जुलूस में शामिल युवकों ने पटाखा जलाकर पुलिस के ऊपर फेंक दिया। इससे भगदड़ मच गई। इसी बीच पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे और माहौल बिगड़ गया। नाराज लोगों ने पुलिस के ऊपर ईट पत्थर चलाया। इसको लेकर अफरा-तफरी मच गई और जुलूस में शामिल कई लोग चोटिल हो गए। देर रात को किसी तरह प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। पथराव में मईल एसओ राजेन्द्र प्रसाद सिंह सहित पांच सिपाही को चोटें आईं है। इनका इलाज भागलपुर पीएचसी पर हुआ। एसओ की तहरीर पर 31 नामजद और 25 अज्ञात लोगों पर हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बांधा डालाना, पुलिस पर पटाखा फेंकना, मानक से अधिक डीजे बजाना सहित कई संगीन धाराओ में केस दर्ज किया है। वहीं लोगों ने पुलिस पर बेवजह लाठीचार्ज करने और जानबूझकर मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। एसओ ने बताया कि इस मामले में इशारू गांव निवासी राजू पांडेय, सुनील, शिवाकांत पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।