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भूख हड़ताल के दौरान शहीद यतींद्र नाथ दास

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देवरिया। भूख हड़ताल के दौरान जान गंवाने वाले यतींद्रनाथ दास की शहादत बुधवार को मनाई गई। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। गौरी लंकेश की हत्या को कलंक बताया। देश के वर्तमान हालात पर चिंता जताई। जेल में दमन और अत्याचार पर रोक के अलावा मानवाधिकार के रक्षा की मांग की गई।
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लोक जनवादी अधिकार मंच की ओर से संत विनोबा पीजी कॉलेज में गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसका विषयक ‘क्रांतिकारियों का ऐतिहासिक भूख हड़ताल, जेल सुधार और मानवाधिकार’ रहा। मुख्य वक्ता फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि देश को आजाद कराने के लिए यतींद्र नाथ दास भूख हड़ताल के दौरान शहीद हो गए। हम लोग आजादी के दीवानों को भूलते जा रहे हैं। आजादी के दीवानों के बारे में सत्ताधारी दल बोलने को तैयार नहीं है। केवल व्यक्ति विशेष के बारे में लोगों का बताया जा रहा है। डॉ. अरविंद ने कहा कि यतींद्र नाथ की शहादत युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी। चंद्रावती ने क्रांतिकारी गीत और विशंभर ने गजल सुनाया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. असीम सत्यदेव, डॉ. नाजिश बानो, राजाराम चौधरी, कृष्ण गोविंद, डॉ. वीएन तिवारी, बृजेश, रोहित, सोनमती आदि ने संबोधित किया।
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