देवरिया। मेडिकल कॉलेेज में हुई बच्चों की मौत के बाद बदहाल अस्पतालों की व्यवस्था को सुधारने की कवायद तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही और राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने जिला अस्पताल का हाल जाना। भर्ती रोगियों ने समस्याएं गिनाई। कैबिनेट मंत्री ने ‘ऑल इज वेल’ बताया।
जिला अस्पताल में सुबह करीब 10.10 बजे कैबिनेट मंत्री का काफिला पहुंचा। सबसे पहले वह जेई/एईएस वार्ड में पहुंचे। भर्ती बच्चों और घरवालों से अस्पताल से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। करीब दो घंटे तक दोनों मंत्री, डीएम, सीएमओ और अस्पताल के डॉक्टर सभी वार्डों का निरीक्षण किए। जिला अस्पताल के इंडोर में जीवनरक्षक दवाएं खत्म होने की बात बताई गई। औषधि विभाग के स्टोर में दवाइयों का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं था। डीएम ने स्टोर इंचार्ज व सीएमएस डॉ. केसी राय को हिदायत दी। इमरजेंसी वार्ड से गुजर रहे कैबिनेट मंत्री ने एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती करने की वजह पूछी। डॉ. एनके पांडेय बेड की कमी बताई। ऑक्सीजन सिलेंडर की अस्पताल में कमी नहीं मिली। इस दौरान डीएम सुुजीत कुमार, सीएमओ डॉ. रामनिवास, सीएमएस डॉ. केसी राय, डॉ. एसके मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।