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समायोजित शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन कार्य रहा प्रभावित

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देवरिया। समायोजित शिक्षकों के आंदोलन के चलते परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हुआ। जिले में तमाम ऐसे विद्यालय हैं, जहां मात्र एक ही अध्यापक या प्रधानाध्यापक हैं। कई जगहों पर जूनियर विद्यालय के शिक्षकों ने प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की मदद की। बारी-बारी से जाकर वहां अध्यापन कार्य किया।
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मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समायोजित शिक्षक सड़क पर आ गए हैं। अपने भविष्य को लेकर वह आंदोलित हैं। देवरिया के समायोजित शिक्षकों ने बुधवार को टाउनहाल परिसर में बैठक की और सुभाष चौक पर सड़क जाम कर दिया था। बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी भी की गई थी। बुधवार को ही समायोजित शिक्षकों ने गोरखपुर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की बात कही थी। इसलिए गुरुवार को यहां मामला शांत रहा। वहीं, बुधवार को कुछ समायोजित शिक्षक स्कूल पहुंचकर शिक्षण कार्य भी किए थे, लेकिन गुुरुवार को विद्यालय नहीं पहुंचे। जिले में 1876 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से कुछ ऐसे विद्यालय हैं जहां एक अध्यापक या प्रधानाध्यापक के बाद दो समायोजित शिक्षक थे। ऐसे में समायोजित शिक्षकों के विद्यालय नहीं आने से शिक्षकों को काफी दिक्कत हुई। इन शिक्षकों को कक्षा एक से पांच तक के छात्रों को पढ़ाना पड़ा। वे काफी परेशान रहे। छात्र भी रोज की भांति नहीं पढ़ सके। तमाम जगहों पर प्राथमिक और जूनियर विद्यालय एक ही कैंपस में हैं। ऐसे में जूनियर विद्यालयों के अध्यापकों ने प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को संभाला। बारी-बारी से जूनियर विद्यालय के शिक्षक प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पढ़ाए। बीएसए उपेंद्र कुमार का कहना है कि समायोजित शिक्षकों के नहीं रहने पर कई विद्यालयों पर दिक्कत हुई। एक ही अध्यापक को पांच क्लास तक के बच्चों को संभालना पड़ा है। कहीं-कहीं जूनियर विद्यालय के शिक्षकों ने मदद की है। समायोजन के बाद स्थिति ठीक हो जाएगी।
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