देवरिया। बैतालपुर डिपो के बाहर तेल माफिया पुलिस के संरक्षण में अपनी अवैध दुकान चला रहे हैं। डिपो के बगल में बड़े-बड़े लोहे के गेट इस बात की गवाही देते हैं कि माफिया डंके की चोट पर धंधा कर रहे हैं। बैतालपुर कस्बे से लेकर मझना नाले तक करीब 50 जगहों पर लोहे के बड़े गेट दिखाई देंगे जो सामान्य तौर पर किसी भी घर की सुरक्षा में नहीं लगाए जाते। चोरी का तेल बलिया से लेकर सौनौली तक सप्लाई किया जाता है।
बैतालपुर डिपो तेल लोड कराने के बाद टैंकर चालक सेटिंग वाली दुकान पर पहुंचे हैं। गाड़ी लोहे के बड़े गेट के अंदर हो जाती है। सूत्रों का कहना है कि सभी टैंकर में कंपनी की तरफ से मजबूत लॉक लगाया जाता है ताकि मेन वॉल खोलकर चालक तेल चोरी न कर सके। इसके बाद भी टैंकर चालक जुगाड़ के सहारे हौजपाइप का वॉल को खोल देते हैं। टैंकर से तेल बाल्टी और ड्रम में आसानी से निकल जाता है। हालांकि ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण खतरा भी सबसे अधिक रहता है। बावजूद तेल तस्कर मौत से खेलते हैं। टैंकर चालक माफियाओं को 30 रुपये में डीजल और 35 रुपये में पेट्रोल उपलब्ध करवा रहे हैं। पेट्रोल पंप पर डीजल 55.77 रुपये, पेट्रोल 68.12 रुपये मिल रहा है। तेल माफिया ड्रम के तेलों को जिले के साथ अन्य जगहों की दुकानों पर उपलब्ध कराते हैं। तेल माफिया करीब सात रुपये लीटर सस्ता डीजल और पेट्रोल उपलब्ध करवा देते हैं। मईल के भागलपुर में तेल का बड़ा भंडार पकड़ा गया था। जहां डिपो से तस्कर तेल को छुपाते थे। सूत्रों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों लीटर डीजल पेट्रोल तेल माफिया एकत्र करते हैं। पुलिस अवैध खेल को रोकने पर असफल है।
मलाईदार है बैतालपुर पुलिस चौकी
डिपो के कारण ही पुलिस महकमे में बैतालपुर पुलिस चौकी मलाईदार के रुप में गिनी जाती है। एकौना, भाटपाररानी जैसे थानों से अधिक वसूली बैतालपुर चौकी को मिलती है। इन थानेदारों से अच्छी स्थिति में बैतालपुर चौकी के प्रभारी होते है। चौकी पर आने के लिए भी जुगाड़ लगाना पड़ता है। थाने से आधे सिपाही चौकी पर ही रहते हैं। गौरीबाजार एसओ जेपी यादव ने बताया कि एक चौकी प्रभारी सहित छह पुलिसकर्मी बैतालपुर डिपो पर तैनात हैं।