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Deoria News: कुंडौली गा आश्रय केंद्र में तीन दिन में 13 बछड़ों की मौत

Tue, 08 Sep 2026 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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लार रोड। कुंडौली चौराहे पर जिला पंचायत की तरफ से संचालित गो आश्रय केंद्र में तीन दिन में भूख से तड़पकर 13 बछड़ों की मौत हो गई है। आरोप है कि आश्रय केंद्र के संचालन से जुड़े कर्मचारियों ने मृत गोवंश के शव को अलग-अलग जगह ले जाकर दफन कर दिया। सोमवार को ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो मौके पर पहुंचे जिला पंचायत के कर्मचारियों ने केंद्र का निरीक्षण किया और अन्य जानवरों के लिए भूसा-पानी आदि का इंतजाम कराया।
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जिला पंचायत की तरफ से जिले में कुंडौली, करचो, खुखुंदू और बैकुंठपुर में गो आश्रय केंद्र का संचालन किया जाता है। लार ब्लाॅक के भागलपुर-सलेमपुर मार्ग पर कुंडौली गो आश्रय केंद्र में 25 गोवंश को रखने की जगह है। विभागीय पोर्टल पर यहां 40 पशु दर्ज हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि यहां 45 गोवंश रखे गए थे। बताया जा रहा है कि शनिवार को चार, रविवार को छह और सोमवार को तीन बछड़ों की मौत हो गई। जब विभाग के कर्मचारियों को भनक लगी तो शनिवार को तीन, रविवार को छह और सोमवार को चार बछड़ों को गोशाला से ले जाकर गड्ढे में दफना दिया गया।
सोमवार को जिला पंचायत के राजस्व निरीक्षक रामनाथ यादव, बाबू जुबेर अहमद मौके पर पहुंचे। इनका कहना था कि केयर टेकर अशोक और उसकी पत्नी यहां कार्यरत हैं। राजस्व निरीक्षक पारसनाथ दुबे को केयरटेकर सूचना देकर कहीं चला गया। एक सप्ताह से चारा-पानी के अभाव में 13 बछड़ों की मौत हो गई।
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इस संबंध में एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि पशुओं के मौत की जानकारी है। बीडीओ को मौके पर भेजा गया है।
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ग्रामीण बोले
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गोवंश के लिए चारा-पानी नहीं मिलना कष्टदायक है। जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। निराश्रित गोवंश के लिए पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध कराया जाए।

अमृशचंद कौशिक, ग्रामीण
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0 मामला बहुत है गंभीर है। सरकार निराश्रित गोवंश को लेकर इतनी गंभीर है और स्थानीय स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
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अरुण सिंह, ग्रामीण
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