देवरिया। फोरलेन निर्माण में बाधा बन रही कोऑपरेटिव चौराहे की दुकानें तोड़ने के विरोध में दुकानदार सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जीविकोपार्जन के लिए प्रशासन से दूसरा विकल्प देने की मांग की। दुकानदारों ने पीडब्लूडी की जमीन में निर्माण के लिए नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराया। डीएम ने एक पखवारे में समुचित समाधान का आश्वासन दिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अंतर्यामी सिंह के नेतृत्व में डीएम से मिले प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि पीडब्लूडी की भूमि में निर्माण बताकर जिन दुकानों को तोड़ा गया है, वही उनकी जीविकोपार्जन का जरिया था। दुकानों का निर्माण नगर पालिका ने कराया था, जो खुद एक विधाई संस्था है। इसमें दुकानदारों का कोई दोष नहीं है। अलबत्ता उन्होंने पूरे नियमानुसार ढंग से दुकानें ली थी। वर्षों से इसमें कारोबार करते आ रहे हैं। हर माह किराए का भुगतान भी करते रहे हैं। अब दुकान टूटने से उनके समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। प्रशासन को उनके बारे में भी सोचने की जरूरत है। उन्होंने प्रशासन से कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। डीएम अमित किशोर ने उन्हें आश्वस्त किया कि एक पखवारे में सकारात्मक ढंग से पहल करते हुए समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में संजय राव, अमरनाथ सिंह, दुर्गेश पांडेय, अजय उपाध्याय, अंबिकेश पांडेय, राकेश शुक्ला, अंकुर राय, कुसुमाकर त्रिपाठी, प्रमोद सिंह, विनोद, संतोष, रतन शुक्ला, पारसनाथ शुक्ला, कृष्ण मुरारी, चंपा देवी, रामअधार मल्ल, रामप्रताप शुक्ल, पन्नेलाल, सीताराम, संजय आदि मौजूद रहे।
बैंक परिसर में विकल्प ढूंढ रहा प्रशासन
अतिक्रमण के नाम पर तोड़ी गई दुकानों को फिर से स्थापित कराने के लिए प्रशासन आसपास की ही कोई जगह तलाश रहा है। इसके लिए कोऑपरेटिव बैंक के खाली पड़े परिसर को भी उपयुक्त माना जा रहा है। बैंक के बाहरी हिस्से में दुकानें तैयार कर शिफ्ट कराने पर विचार कर रहे अफसरों ने इसके लिए संकेत दिया हैं। व्यापारियों संग वार्ता के दौरान ही डीएम ने बैंक के महाप्रबंधक से फोन पर इस बारे में राय ली। जल्द ही मिलकर विस्तार से प्लॉन तैयार करने को कहा।
सांसद-विधायक भी व्यापारियों के साथ
फोरलेन निर्माण के लिए सिविल लाइन रोड पर वर्षों पुरानी दुकानें ढहाए जाने से पटरी पर आए व्यापारियों के प्रति सांसद कलराज मिश्र व विधायक जन्मेजय सिंह ने भी सहानुभूति जताई है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने जिले से बाहर होने का हवाला देते हुए डीएम से वार्ता का आश्वासन दिया। कहा कि जल्द ही वह जिले में पहुंचकर समस्या का समाधान कराएंगे।