बरहज नदी घाट की सीढ़ियों से नीचे बहती घाघरा
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बरहज। खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद घाघरा का जलस्तर नीचे खिसकने लगा है। इससे कटान तेज हो गई है। कपरवार संगम तट और कटइलवा गांव के बीच कटान से लोग दहशत में हैं।
जुलाई के शुरुआती दौर में मानसून की दस्तक से नदियों में उफान आ गया था। घाघरा करीब तीन मीटर की बढ़त दर्शा रही थी। नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर लोग सकते में आ गए थे, जबकि प्रशासन एलर्ट हो गया था। अब नदी उतनी ही तेजी से घट कर घाट की सीढ़ियों के नीचे बह रही है। फिलहाल नदी का जलस्तर थमने के बावजूद संगम तट और कटइलवा गांव के समीप नदी कृषि भूमि को बेतहाशा निगल रही है। तटवर्ती गांवों के देवेश सिंह, प्रमोद सिंह, गंगा प्रसाद पांडेय आदि का कहना है कि करीब छह माह से कटान हो रहा है, लेकिन विभाग रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। इस संबंध में एसडीएम घनश्याम ने बताया कि कटान का निरीक्षण किया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।