देवरिया। नकली बीयर की बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने नया तरीका तलाशा है। बीयर की बोतलों से होलोग्राम हटाकर बार कोडिंग की कवायद शुरू की गई है। इसकी वजह से जिले में बीयर की किल्लत बढ़ गई है। दुकानें बंद होने से ठेकेदार और विभागीय अफसर परेशान हैं।
देवरिया में उन्नाव और अलीगढ़ से बीयर की सप्लाई आती थी। बोतलों पर होलोग्राम होने के कारण नकली बीयर भी आपूर्ति की जाती रही और कई बार पकड़ी भी गई। विभागीय फरमान के बाद बीयर की बोतलों से होलोग्राम हटाकर बार कोडिंग की जा रही है। अचानक यह निर्देश आने से जिले में बीयर की सप्लाई ठप हो गई है। मार्च में शराब की 224 दुकानों की ऑनलाइन लॉटरी हुई थी। इसमें बीयर की 82 दुकानें हैं। एक अप्रैल से नए अनुज्ञापियों को दुकानें चलानी थीं, लेकिन बीयर की सप्लाई नहीं मिलने के कारण दुकानों पर ताला लटका है। कुछ पुराने अनुज्ञापियों के पास बीयर का स्टाक पड़ा था। जिसे अधिक रेट पर बेचा जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि बीयर की बोतलों पर पहले होलोग्राम रहता था, लेकिन अब बार कोडिंग की व्यवस्था लागू की गई है।
इनसेट15 दिन के अंदर जमा करें दुकानों की चौहद्दी
नए अनुज्ञापियों ने अपने दुकानों की चौहद्दी का विवरण अभी तक आबकारी कार्यालय में जमा नहीं किया है। मानक को दरकिनार कर कई दुकानें शहर से लेकर गांव तक संचालित हो रही हैं। इसकी शिकायत भी आबकारी इंस्पेक्टरों तक पहुंच रही है। जिला आबकारी अधिकारी ने 15 दिन का समय चौहद्दी जमा करने के लिए अनुज्ञापियों को दिया है। इसके बाद इसकी जांच कराई जाएगी।
दुकानों के खुलने का बदला समय
सालों से शराब की दुकानों की लाटरी नहीं होती थी और दुकानों का नवीनीकरण कर दिया जाता था लेकिन प्रदेश सरकार ने इसमें बदलाव किया और नए तरीके से शराब की दुकानों की लॉटरी कराई। साथ ही नया फरमान जारी हुआ कि अब शराब की दुकानें दिन में 12 से रात 10 बजे तक खुलेंगी। अब तक दुकानें सुबह नौ बजे खुलती थीं।